101 दिनों बाद लखनऊ जू एक बार बालरेल की रौनक से गुलजार हो गया। नई बिछी चौड़ी रेल पटरियों पर शुक्रवार को धड़धड़ाते हुये छुकछुक दौड़ी।
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...जब अखिलेश ने दौड़ाई बच्चों के लिए ट्रेन
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बालरेल के पहले चक्कर के सीएम अखिलेश यादव पहले यात्री भी बने। ऐसा करने वाले वो प्रदेश
के पहले मुख्यमंत्री भी बने, जो ट्रेन के मुसाफिर बने।
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सफर में सीएम अखिलेश के बच्चे भी उनक साथ सवार रहे।
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लखनऊ जू में बिछी पुरानी पटरियों को बदलने के साथ ही उन पर नई
बालरेल दौड़ाने क लिये 20 नवंबर 2013 को 44 साल पुरानी बालरेल को रोक दिया
गया था।
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करीब 101 दिनों तक चले काम के बाद यहां कार्यदायी संस्था ने लगभग सवा
तीन करोड़ की लागत से 1600 मीटर लंबा नया ट्रैक और ओल्ड स्ट्रीट माडल इंजन
से लैस नया इंजन बनाया।
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ट्रेन में 84 यात्रियों की क्षमता है लेकिन सीएम के साथ लगभग 250 लोग चढ़ गए।