खुद हमसे भी कई बार मुलाकात में कह चुके थे उमराव जान ने उन्हें पहचान दी तो उसके संगीत ने उन्हें लोगों के दिल भीतर बसाया। संगीत के क्षेत्र में नौशाद को अपना आदर्श मानने वाले खय्याम को वर्ष 2009 में नौशाद संगीत केंद्र की ओर से नौ शाद सम्मान से नवाजा गया। यही नहीं वर्ष 2012 में जब एक और बालीवुड की शख्सियत को अवार्ड दिया गया तो वे उस समारोह केअतिथि रहे। अमूमन जल्दी सो जाने वाले अतहर नबी सोमवार देर रात खय्याम के निधन की सूचना पत्रकारों से ही पाने के बाद फिर सो न सके।