बोर्ड परीक्षा के लिए सिर्फ परीक्षार्थी ही कड़ी मेहनत करते हैं। यदि आप भी कुछ ऐसा ही सोचते हैं तो अपनी सोच को बदल डालिए, क्योंकि बच्चों के साथ-साथ मम्मियां भी कठिन दिनचर्या से गुजरती हैं। एक तरफ रोजमर्रा के काम तो दूसरी तरफ बच्चों की पढ़ाई, उनकी सेहत का ध्यान रखते हुए परीक्षा की तैयारी कराना। इस दौरान वे अपने सारे शौक को स्थगित कर देती हैं। हमने बात की कुछ मांओं से तो पता चला कि उन्होंने सोशल मीडिया, सोशल लाइफ से कुछ समय के लिए दूरी बना ली है। सारी सहेलियों को कहा दिया है कि अब बच्चों के एग्जाम बाद मिलेंगे।