इसके बाद पेटस्कैन में कैंसर का प्रभाव उनके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी दिखा। कैंसर एक्सपर्ट के इलाज का खर्च बहुत अधिक बताने पर चंद्रकांता ने मेडिकल कॉलेज में डॉ. ईशा जफा से इलाज शुरू कराया। वहीं, बेटे सागर ने मां के इलाज में दिन-रात एक कर दिया। छह सितंबर 21 को चंद्रकांता की पहली कीमो हुई, जिसकी अब तक संख्या 10 हो चुकी हैं। इसके चलते उनके सिर के बाल झड़ चुके हैं। ऐसे में साफा बांधकर सुबह और शाम को चौक स्टेडियम में नियमित अभ्यास करती हैं। हालांकि, कीमो के दौरान उन्हें एक सप्ताह घर में बिताना पड़ता है, ताकि रिकवरी तेज हो। शुरुआती दिक्कतों के बाद चंद्रकांता ने चौक स्टेडियम में दौड़ना शुरू किया, फिर कोच राधेश्याम से हैमर थ्रो की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी।