न्यू ईयर पर लखनऊ के आसपास कहीं घूमने की योजना बना रहे हैं तो बहराइच का कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी आपके लिए मुफीद है। यहां आपको प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ एडवेंचर भी मिलेगा। यहां बाघ, तेंदुए, हिरन, हाथी, चीतल, बारहसिंघा व नदी में डॉल्फिन की चहलकदमी आपका मन मोह लेगी।
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- फोटो : amar ujala
इस वन क्षेत्र में इको टूरिज्म व्यवस्था के तहत जंगल भ्रमण की व्यवस्था है। वन विभाग ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी सात रेंजों में कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि वेबसाइट के माध्यम से बुकिंग जारी है।
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उन्होंने कहा एक जनवरी को दिल्ली, लखनऊ, गाजियाबाद के कई बड़े अधिकारी और कुछ पर्यटक कतर्निया आ रहे हैं। इसके लिए गाइड, रसोइया और अन्य कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत करा दिया गया है। डीएफओ ने कहाकि 2500 रुपये एक दिन का पैकेज है। उसके तहत दोपहर में पर्यटक के पहुंचने पर उसे निर्धारित सूट प्रदान किया जाएगा।
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भोजन और नाश्ते की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा वाहन और पर्यटन के विभिन्न मदों का अलग शुल्क पर्यटकों को अदा करना होगा। डीएफओ ने बताया कि अनुबंधित सभी वाहनों के चालकों को पर्यटकों के भ्रमण का रूट भी बताया गया है। जिससे कि सेंच्युरी क्षेत्र के नियम निर्देशों का उल्लंघन न हो।
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डीएफओ ने कहा कि पहले मैनुअल बुकिंग की व्यवस्था थी, जिससे काफी दिक्कत होती थी। ऑनलाइन बुकिंग से पर्यटकों को भी घर बैठे बुकिंग की व्यवस्था मिल रही है। जंगल पहुंचने पर सभी सुविधाएं मुहैया होंगी। पर्यटकों की भीड़भाड़ में नेपाल की खुली सीमा से अराजक तत्व प्रवेश न करें, इसके लिए सभी रेंजों को वन क्षेत्राधिकारियों को अलर्ट कर गश्त बढ़ा दी गई है। एसएसबी और पीएसी से भी समन्वय स्थापित किया गया है।
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कतर्नियाघाट पहुंचने वाले पर्यटक मोतीपुर और ककरहा रेंज में इको टूरिज्म के रूप में विकसित विश्राम भवन के अलावा वातानुकूलित थारूहट, 16 बेड के डबल स्टोरी डॉरमेट्री, कैंटनि, सुलभ शौचालय और जनरेटर का भी आराम उठा सकेंगे।
प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि इको टूरिज्म के लिए नए सिरे से निर्मित भवनों के अलावा ककरहा, मोतीपुर, निशानगाड़ा, धर्मापुर, मुर्तिहा और कतर्नियाघाट गेस्ट हाउस में भी पर्यटक ठहरेंगे। डीएफओ ने कहा कि कतर्नियाघाट आने वाले पर्यटक अपने साथ रेडियो, रिवाल्वर, बंदूक आदि नहीं ला सकेंगे। जंगल में तेज आवाज करना प्रतिबंधित है।