निधि के मेडल
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स्टडी हाल स्कूल के पास झोपड़ी में रहने वाले दिनेश मूलत: बाराबंकी के हैं। पत्नी अर्चना व बच्चों के साथ वे रोजी-रोटी की तलाश में लखनऊ आ गए। सिर पर छत नहीं थी तो दया कर एक डॉक्टर साहब ने झोपड़ी खाली प्लॉट पर डालने को दे दी।अर्चना और दिनेश दोनों निरक्षर थे, लेकिन यह लालसा थी कि बच्चे जरूर पढ़ें। शुरुआत में बेटी को स्टडी हाल में वंचित वर्ग के बच्चों के लिए संचालित प्रेरणा गर्ल्स स्कूल में दाखिला दिला दिया। होशियार निधि को स्कॉलरशिप मिलने लगी।