प्रो. आदित्य कपूर, प्रो. सत्येंद्र तिवारी
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एसजीपीजीआई में आयोजित कार्डिकॉन 2020 में शनिवार को देशभर से जुटे चिकित्सा विशेषज्ञों ने हाई एंड पेसमेकर को बेहद कारगर बताया, लेेकिन खतरे से सावधान भी किया। जिस तरह से साइबर अपराध बढ़ रहा है, उससे हृदय रोगी भी खतरे में हैं। इस खतरे को देखते हुए यूके एफएसडीए की ओर से 2019 में जारी गाइडलाइन में भी इसका जिक्र किया गया है। एसजीपीजीआई हृदय रोग विभाग के प्रो. आदित्य कपूर ने बताया कि सामान्य पेसमेकर में भी सावधानी की जरूरत है, लेकिन हाई एंड पेसमेकर को लेकर बेहद चौकन्ना रहने की जरूरत है, क्योंकि इसमें रिपोर्ट के आधार पर पेसमेकर की डिवाइस में बदलाव किए जा सकते हैं। यह मरीज के हृदय के फंक्शन की स्टडी करके ऑटोमैटिक काम करना शुरू कर देता है। इसके सॉफ्टवेयर को अपडेट भी किया जा सकता है। ऐसे में किसी भी तरह की समस्या होने पर संबंधित कंपनी के विशेषज्ञ से ही अपडेट करवाना चाहिए। इसके बारे में मरीजों और डॉक्टरों दोनों को जागरूक करने की जरूरत है। कंपनियों को भी इस खतरे से निबटने के लिए हाई एंड पेसमेकर में बैरियर विकसित करना होगा। प्रो. सत्येंद्र तिवारी ने कहा कि किसी भी तरह की दिक्कत होने पर मरीज को उसी सेंटर पर जाना चाहिए, जहां से हाई एंड पेसमेकर लगवाया है।