लखनऊ में वैसे तो बहुत सी बुलेट क्वीन हैं लेकिन एक बुलेट क्वीन इन सबसे अलग हैं क्योंकि ये हिजाब पहनकर बुलेट चलाती हैं और देश प्रदेश में हर जगह बुरखा राइडर के नाम से पहचानी जाती हैं।
22 साल की आइशा को बचपन से ही राइडिंग का शौक था। जब उनकी बहनें घर के काम करना और बार्बी डॉल से खेलना पसंद करती थीं तब आइशा बाइक व कार वाले खिलौने खरीद कर लातीं थीं। उनके खिलौनें एवेंचर और स्पीड वाले हुआ करते थे।
18 साल की उम्र पार करते-करते आइशा ने बुलेट राइडिंग में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। आज वह लखनऊ की इकलौती बुरखा राइडर हैं और यही पहचान उन्हें औरों से अलग करती है।
आइशा का कहना है कि लड़कियां हर वो काम कर सकती हैं जो लड़के कर सकते हैं ऐसे में उन्हें किसी से भी कम नहीं समझना चाहिए और उन्हें अपनी मर्जी के मुताबिक अपना काम चुनना चाहिए।