भूकंप के चलते शहर के अनेक इलाकों में कई जगह इमारतों को नुकसान पहुंचा। एसजीपीजीआई में नौंवी फ्लोर की दीवार चटक गई। चौपटिया टेंपो स्टैंड के पास स्थित एक मस्जिद की मीनार टेढ़ी होकर दीवार से चिपक गई।
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लोग ही नहीं यहां दहल गई इमारतें भी, तस्वीरें
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नादान महल रोड पर शाही मस्जिद के पास मकान नंबर-258/8 मोहम्मद मुस्कान की छत क्रेक हो गई। इसी इलाके में रहने वाले अफजल के मकान नंबर 258/10 की छतों में दरारें आ गईं। मौलवीगंज की मस्जिद के दो गुबंद टूट गए।
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शहर की 80 फीसदी इमारतें तेज भूकंप को लेकर बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं।
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यही नहीं राजधानी में करीब 1000 अवैध इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, वे सभी भूकंपरोधी विधियों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।
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12 मीटर से ऊंचे सभी इमारतों में भूकंपरोधी इंतजाम किया जाना आवश्यक है। जिसमें स्ट्रक्चरल डिजाइन को एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर से अनुमोदित करा के उसे प्रस्तुत किया जाता है कि, इमारत में भूकंपरोधी तमाम इंतजाम किये जाएंगे।
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अवैध रूप से बनाए जा रहे अपार्टमेंट और कांप्लेक्स में इस नियम का धड़ल्ले से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।केवल 20 फीसदी इमारतों में ही भूकंपरोधी इंतजाम किये गये हैं।
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पुराने शहर का सबसे बुरा हाल है। एलडीए के इंजीनियरों की मिलीभगत से यहां खतरनाक इमारतों का निर्माण बहुत तेजी से किया जा रहा है। चाहें वह वैध तरीके से हों या अवैध गड़बड़ी सभी में हैं।
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इंदिराभवन की पांचवीं फ्लोर के अलावा नगराम, मौलवीगंज और चौपटिया में तीन मस्जिदों की मीनारों को नुकसान हुआ है। एक मदरसे में क्षति होने की सूचना है।