जियामऊ में विधायक रामपाल यादव के अवैध कॉम्प्लेक्स को जमींदोज करने की कार्रवाई शुक्रवार अलसुबह चार बजे तक चलती रही। एलडीए ने 44 साल के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा ध्वस्तीकरण कर महज 15 घंटे में इतिहास रच डाला।
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विधायक को अवैध ढांचा खड़ा करने में 15 महीने लगे थे। कॉम्प्लेक्स की मुख्य छत को जमींदोज कर एलडीए ने अभियान बंद किया। इसके बाद परिसर पुलिस सुरक्षा में दे दिया गया।
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एलडीए का कहना है कि ध्वस्तीकरण के दौरान जेसीबी और अन्य मशीनें किराए पर लाई गईं। इनका किराया भी विधायक से वसूला जाएगा। इसका आंकलन एलडीए राजस्व विभाग से करवाएगा। करीब पांच लाख का खर्च अनुमानित है।
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इसमें मशीनों का किराया और खासतौर पर अलग से बुलाए गए कर्मचारियों और अधिकारियों का एक दिन का वेतन भी शामिल होगा। साथ ही एलडीए ने इस कॉम्प्लेक्स में अवैध तौर पर बेसमेंट बनाए जाने की रिपोर्ट भी डीएम राजशेखर को दी है।
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अब जिला प्रशासन इस संबंध में कथित मालिक विधायक की पत्नी को जुर्माना अदा करने का नोटिस भेजेगा। जियामऊ में बृहस्पतिवार को विधायक के अवैध कॉम्प्लेक्स पर एलडीए का कहर दोपहर करीब 1:30 बजे से नाजिर हुआ था। एलडीए वीसी, सचिव, जिलाधिकारी, एसएसपी देर रात तक मौके पर बने रहे।
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अभी और गिरेगी गाज
विधायक पर अभी और गाज गिरना बाकी है। एलडीए के सचिव एससी वर्मा ने बताया कि इस अवैध निर्माण में करीब आठ हजार वर्ग फीट में एक बेसमेंट का भी निर्माण किया गया था। यह करीब 10 फीट गहरा है। इसके लिए निश्चित तौर पर बहुत अधिक मिट्टी का खनन हुआ होगा। जिलाधिकारी राजशेखर को जानकारी दे दी गई है। जिलाधिकारी इस संबंध में जुर्माने का नोटिस देंगे। खनन विभाग से इसका आंकलन कराया जाएगा।
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विधायक रामपाल को 4 करोड़ रुपये का झटका
जियामऊ में अवैध कॉम्प्लैक्स ढहाए जाने से विधायक रामपाल यादव को करीब चार करोड़ रुपये का झटका लगा है। यहां 8000 वर्ग फीट में बेसमेंट और उसके ऊपर दो मंजिल का निर्माण किया गया था। कुल 24000 वर्ग फीट कवर्ड एरिया में आरसीसी कंस्ट्रक्शन किया गया, जबकि बिल्डिंग के बेसमेंट निर्माण और भूकंपरोधी करने अच्छा खासा खर्च हुआ है।
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अभियंताओं का मानना है कि करीब 1500 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से कंस्ट्रक्शन कास्ट इस कॉम्प्लेक्स पर आई होगी। यानी ढांचा खड़ा करने में करीब चार करोड़ रुपये का खर्च हुए होंगे। इसमें लगभग 50 लाख रुपये की मजदूरी का आकलन किया जा रहा है। लगभग छह हजार बोरी सीमेंट इस निर्माण में लगाई होगी। इसके साथ ही बहुत बड़ी मात्रा में सरिया और अन्य निर्माण सामग्री भी लगाई गई है। इतना ही नहीं, ध्वस्तीकरण पर आने वाला खर्च भी विधायक से वसूला जाएगा।
साल 2015 की शुरुआत में लोहिया पथ से लगी गहराई की भूमि में निर्माण शुरू किया गया था। जमीन विधायक की पत्नी के नाम पर है। लगातार बिना नक्शा पास करवाए निर्माण कराया जाता रहा। एलडीए लगातार अवैध निर्माण की अनदेखी कर रहा था। इसी इमारत से चंद कदम की दूरी पर तीन अवैध अपार्टमेंट प्राधिकरण ने ध्वस्त किये थे, लेकिन इस ओर से नजरें फेरे रहा। अब जब सरकार की नजरें टेंढी हुईं तो महज 15 घंटे में ही ढांचा ध्वस्त कर दिया।