इंदिरानगर में सीवर की सफाई करने मैनहोल में उतरे एक मजदूर की जहरीली गैस से सोमवार को मौत हो गई। वहीं बेटे को बचाने मैनहोल में उतरे पिता और एक साथी भी बेहोश होकर गिर गए लेकिन उन्हें समय रहते बाहर निकाल कर बचा लिया गया। (इस दौरान किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन।)
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इस मामले में एक बार फिर जलकल विभाग के इंजीनियरों की लापरवाही सामने आई। मजदूर को बिना मास्क ही मैनहोल में उतार दिया गया था और इस दौरान वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम भी नहीं किए गए थे।
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इस हादसे को लेकर सफाई कर्मचारियों ने जलकल प्रशासन के खिलाफ लोहिया अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासन ने बीट इंचार्ज को निलम्बित कर दिया और अवर अभियंता की खिलाफ कार्रवाई को लेकर सचिव को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, इंदिरा नगर सी ब्लॉक डीके ब्रिक फील्ड के आसपास जलकल के बीट इंचार्ज राजेश दो कर्मचारियों को लेकर सीवर की सफाई करने पहुंचा। इनमें एक 20 साल का अंकित भारती और इसी की उम्र का शिवा था। अंकित जलकल के ही सीवर कर्मचारी अनिल भारती का बेटा था जो क अपने पिता की जगह पर काम करने पहुंचा था जबकि शिवा संविदा कर्मी है।
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प्रत्यक्षदर्शी नितिन साहू ने बताया कि पहले अंकित सीवर सफाई के लिए मैनहोल में उतरा। वह मास्क नहीं पहने था और जहरीली गैस से बेहोश होकर गिर गया।
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यह देख उसका साथी शिवा उसे बचाने मैनहोल में उतरा तो वह भी बेहाश होकर उसी में गिर गया। इसकी जानकारी के बाद अंकित का पिता अनिल पहुंचा और वह भी मैनहोल में चला गया लेकिन कोई बाहर नहीं निकला। (अंकित का दोस्त शिवा)
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यह घटना करीब एक से डेढ़ बजे के बीच की है। यह देख 100 पर पुलिस को फोन किया गया। उसके बाद करीब दो बजे पुलिस और फायर ब्रिगेड के लोग आए और उन्होंने शिवा और अनिल को निकाल लिया लेकिन अंकित को नहीं निकाल सके।
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अंकित को निकालने के लिए फायर ब्रिगेड के लोग मैनहोल में नहीं उतरे बल्कि उन्होंने रस्सी में कांटा बांधा और उसमें कपड़ा लपेटा उसके बाद उसे मैनहोल में डाला। जिसमें फंसाकर उसे बाहर खींचा गया।
तीन लोगों ने अनिल और शिवा तो ठीक थे लेकिन अंकित मरणासन्न था। जिसे लेकर पुलिस लोहिया अस्तपाल ले गई। जहां पर पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कर्मचारियों केसाथ जलकल का जो सुपरवाइजर आया था वह मौके से भाग गया।