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इस तरह से परीक्षा देते हैं नेत्रहीन, देखिए तस्वीरें

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नेत्रहीन छात्र-छात्राएं वैसे ही परीक्षा देते हैं जैसे आम बच्चे। बस फर्क यह है कि वह अपनी कॉपियां खुद नहीं लिखते बल्कि उनका मिला हुआ हेल्पर लिखता है।
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ये तस्वीरें लखनऊ के मोहान रोड स्थित दृष्टि बाधित स्कूल की हैं। यहां सैकड़ों की संख्या में नेत्रहीन बच्चे परीक्षाएं दे रहे हैं।
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इन नेत्रहीन बच्चों को इनकी कॉपियां लिखने के लिए एक हेल्पर मिलता है। इस हेल्पर की मदद से वह अपनी कॉपियां लिखते हैं।

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यहां हेल्पर देने में इस बात का ख्याल रखा जाता है कि हेल्पर की शैक्षिक योग्यता परीक्षा दे रहे छात्र-छात्रा से कम ही हो। इसके पीछे मकसद यह होता है कि हेल्पर अपनी तरफ से कुछ भी न लिख पाए। वह उतना ही लिख पाए जितना उसे ब्रीफ किया जाए।
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नेत्रहीनों की यह परीक्षाएं आमतौर एक बड़े सेंटर में ही आयोजित की जाती है। इसमें शिक्षकों द्वारा ड्यूटी के नियम भी कुछ अलग होते हैं।
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यूपी बोर्ड में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों कक्षाओं में कुल 1,08,349 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। 19 फरवरी को पहली पाली में हाईस्कूल में हिंदी प्रथम प्रश्नपत्र और इंटरमीडिएट में सैन्य विज्ञान के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा होगी।
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दोपहर पाली में इंटरमीडिएट में हिंदी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा होगी। दोनों पालियों में अनिवार्य विषय होने के कारण लगभग सभी स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल होंगे।

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परीक्षा के दौरान हर कमरे में दो कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाने के साथ ही फ्लाइंग स्क्वॉयड के लिए भी शिक्षक रखने होंगे।
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परीक्षा के दौरान हर कमरे में आधे कक्ष निरीक्षक दूसरे विद्यालयों के रखने अनिवार्य हैं। बुधवार को देर शाम तक कक्ष निरीक्षकों के लिए परिचय पत्र जारी करने का काम चल रहा था। (सभी तस्वीरें: मनीष वर्मा)
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