रायबरेली के बछरांवा स्टेशन के पास हुई ट्रेन दुर्घटना ने यूपी की उन ट्रेन दुर्घटनाओं की यादें ताजा कर दीं जो दुर्घटनाएं अपनी वीभत्सा की वजह से लंबे समय तक याद रखी गईं।
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इन वीभत्स रेल दुर्घटनाओं को भूले नहीं होंगे आप?
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20 मार्च 2015 को देहरादून से आ रही जनता एक्सप्रेस बछरांवा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह हादसा इंजन के पटरी से उतरने की वजह से हुआ। ब्रेकअप फेल होना इस हादसे की वजह माना जा रहा है। हादसे में 34 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है।
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इन वीभत्स रेल दुर्घटनाओं को भूले नहीं होंगे आप?
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26 मई 2014 को संत कबीर नगर जिले में पड़ने वाले चुरेन रेलवे स्टेशन के पास गोरखधाम एक्सप्रेस पटरी पर खड़ी मालगाड़ी से पीछे से टकरा गई। हादसे में करीब 22 लोगों की मौके पर मृत्यु हो गई।
इन वीभत्स रेल दुर्घटनाओं को भूले नहीं होंगे आप?
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20 मार्च 2012 को हाथरस में एक वैन मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय ट्रेन से टकरा गई, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई। हादसे में सभी जाने वैन में सवार लोगों की गईं।
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सात जुलाई 2011 को एटा में एकमानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर 80 यात्रियों को लेकर जा रही एक बस और ट्रेन में टक्कर हो गई थी। इस घटना में तकरीबन 38 लोगों की मौत हो गई थी।
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10 जुलाई 2011 को कालका मेल फतेहपुर के पास मलवा में ट्रेन दुर्घटना का शिकार हुई। इस हादसे में 100 से अधिक लोग मरे थे। दुर्घटना में 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।
21 अक्टूबर 2009 को मथुरा के पास गोवा एक्सप्रेस का इंजन मेवाड़ एक्सप्रेस की आख़िरी बोगी से टकरा गया था। इस घटना में 22 लोग मारे गए, जबकि 23 अन्य घायल हुए थे।