विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन को दो फरवरी की सुबह ग्लोब पार्क के पास गोली मारी गई। हालांकि, उनकी हत्या हजरतगंज चौराहे पर स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पास करने की योजना थी। लेकिन जब रणजीत वहां पहुंचे तो उनके साथ आदित्य था, जिसे शूटर जितेंद्र ने सरकारी गनर समझ लिया। इसके बावजूद जब रणजीत मंदिर पर माथा टेक रहे थे तो जितेंद्र ने एक बार गोली चलाने की कोशिश की, पर खुद को रोक लिया।
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
इसके बाद जितेंद्र, दीपेंद्र उनके पीछे ग्लोब पार्क तक गए और उसके मुख्य गेट पर गोली मार दी। यह राज शुक्रवार रात पुलिस से मुठभेड़ में पकड़े गए जितेंद्र ने खोला है। वारदात की साजिश रणजीत की दूसरी पत्नी स्मृति ने प्रेमी दीपेंद्र के साथ रची थी। एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक चारों आरोपियों से पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ की। इसमें जितेंद्र ने कबूला कि उसने रणजीत को गोली मारने के लिए हामी भरी। खुद पिस्तौल व कारतूस का इंतजाम किया।
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ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
दीपेंद्र व जितेंद्र के साथ चालक संजीत भी मौके पर था, जो कुछ दूरी पर इंतजार कर रहा था। वारदात के बाद दोनों कार से रायबरेली पहुंचे और सोमवार दोपहर प्रयागराज निकल गए। वहां से मुंबई की ट्रेन पकड़ी। बुधवार को दोनों मुंबई में कैंसर पीड़ित बडे़ भाई से मुलाकात करने के बाद अलग हो गए। हालांकि, दोनों ने लखनऊ का ही रुख किया। पुलिस ने दीपेंद्र को झांसी में बस से आते वक्त दबोचा।
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पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ शूटर दीपेंद्र
- फोटो : amar ujala
मुठभेड़ में दबोचा गया था शूटर
शूटर जितेंद्र को शुक्रवार देर रात एसीपी कैंट कार्यालय के पास आलमबाग के देवी खेड़ा में मुठभेड़ में पुलिस ने दबोचा था। इस दौरान दोनों ओर से करीब तीन राउंड फायरिंग हुई थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में शूटर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मौके से पिस्तौल, कारतूस व बाइक बरामद की थी।
दूर करना चाहता था दीपेंद्र की परेशानी
पुलिस के मुताबिक जितेंद्र शुरू से मनबढ़ था। उसके खिलाफ रायबरेली कोतवाली में कई बार शिकायतें हुईं, पर पुलिस में कुछ लोगों का करीबी होने से वह मामले मैनेज करता रहा। उस पर मारपीट व धमकी, बलवा के केस हैं। जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसका चचेरा भाई दीपेंद्र काफी परेशान था। पूछने पर उसने स्मृति से संबंध के बारे में बताया। कहा कि दोनों शादी करना चाहते हैं, लेकिन रणजीत बाधक बन रहा है। उसे रास्ते से हटाना होगा। दीपेंद्र की परेशानी दूर करने के लिए जितेंद्र उसके साथ काम करने को तैयार हो गया।