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तस्वीरें: आम के लिए कहर बनी आंधी, बागवान बोले- पहले से ही फसल कमजोर थी, अब तो सीधे 15 लाख का झटका लगा

Fri, 20 May 2022 12:23 AM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज़ एजेंसी, सीतापुर
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- फोटो : amar ujala
सीतापुर जिले में बुधवार को आई आंधी ने बागवानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। इसकी वजह से आम की फसल को करीब 25 फीसदी नुकसान हुआ है। बाजार में अचानक कच्चे आम के ढेर लग गए। इससे यह आम महज पांच रुपये किलो बिक रहा है। व्यापारियों को करीब 15 लाख के नुकसान का अनुमान है। समय से पहले फसल खराब होने से बागवानों के माथे पर चिंता की लकीर पड़ गई है।
जिले में दो इलाके फल पट्टी के रूप में चिह्नित हैं। इनमें खैराबाद व महमूदाबाद क्षेत्र दर्ज हैं।

आमतौर पर गोंदलामऊ, लहरपुर, परसेंडी, सिधौली में भी आम की बड़े पैमाने पर बागवानी की जाती है। उद्यान विभाग के मुताबिक जिले में करीब 17 हजार हेक्टेयर में आम की बागवानी हो रही है। इस बार फसल को देखते हुए करीब 117 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आम की फसल की पैदावार की उम्मीद की जा रही थी। इस बार जिले में करीब 20 लाख क्विंटल आम की फसल की पैदावार का अनुमान था।

जिले में बुधवार को आई तेज आंधी से करीब 25 फीसदी नुकसान हुआ है। इससे आम की फसल करीब पांच लाख क्विंटल टूटकर गिर गई है। व्यापारियों को करीब 15 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है। जिले में दशहरी, चौसा, लगड़ा, सफेदा व फजली आदि प्रजाति के आम होते हैं। सबसे अधिक दशहरी आम दिल्ली, राजस्थान, पंजाब व हरियाणा आदि प्रदेशों में सप्लाई होता है। जिले का यह आम समूचे देश से लेकर विदेशों में भी अपनी महक और मिठास के लिए जाना जाता है।
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संदीप मिश्रा - फोटो : amar ujala
फसल का 25 प्रतिशत हुआ नुकसान
बागवान संदीप मिश्रा कहते हैं कि 25 प्रतिशत कच्चा आम आंधी में गिर गया है। पिछले साल से इस बार आम कम आया था। ऊपर से आंधी पानी ने फसल को चौपट कर दिया, वैसे भी आम की फसल में 50 प्रतिशत का खर्च आता है। लागत आना भी मुश्किल हो रही है। बागवानों का लाखों का नुकसान हुआ है। सरकार हम लोगों के नुकसान की भरपाई करें।
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मुनीर अहमद अंसारी - फोटो : amar ujala
60 क्विंटल कच्चा आम बागों में गिर गया
बागवान मुनीर अहमद अंसारी कहते हैं कि हमारे बागों में 60 क्विंटल कच्चा आम गिर गया है। हम लोगों की लागत भी आना मुश्किल लग रही है। कौड़ियों के भाव में कच्चा आम महज पांच रुपये किलो मंडियों में बिका। करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस बार दो बार आंधी आ चुकी है। इससे लगातार नुकसान हो रहा है।

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भगत - फोटो : amar ujala
फसल बीमा की नहीं दी जानकारी
बागवान भगत कहते हैं कि हम लोगों का लाखों का नुकसान हुआ है। 40 क्विंटल कच्चा आम हमारे बागों में गिर गया है। हर साल बागवानों का नुकसान ही होता है। सरकार फसल बीमा की बात तो करती हैं पर अभी तक किसी बागवानों का फसल बीमा नहीं किया गया है। कैसे होगा कहां से होगा कोई भी प्रशासन ने जानकारी भी नहीं दी है।
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- फोटो : amar ujala
बागवान फसल बीमा के लिए करें संपर्क
जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि जो क्षेत्र फल पट्टी में आते हैं उन बागवानों का फसल बीमा हो सकता हैं। पांच प्रतिशत प्रीमियम पर बागवान अपना फसल बीमा करा सकते हैं, वैसे तो इसके लिए एक संस्था फसल बीमा नवंबर व दिसंबर में बागवानों का करती है। वह सीधे हमसे संपर्क कर सकते हैं।
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