सीतापुर जिले में बुधवार को आई आंधी ने बागवानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। इसकी वजह से आम की फसल को करीब 25 फीसदी नुकसान हुआ है। बाजार में अचानक कच्चे आम के ढेर लग गए। इससे यह आम महज पांच रुपये किलो बिक रहा है। व्यापारियों को करीब 15 लाख के नुकसान का अनुमान है। समय से पहले फसल खराब होने से बागवानों के माथे पर चिंता की लकीर पड़ गई है।
जिले में दो इलाके फल पट्टी के रूप में चिह्नित हैं। इनमें खैराबाद व महमूदाबाद क्षेत्र दर्ज हैं।
आमतौर पर गोंदलामऊ, लहरपुर, परसेंडी, सिधौली में भी आम की बड़े पैमाने पर बागवानी की जाती है। उद्यान विभाग के मुताबिक जिले में करीब 17 हजार हेक्टेयर में आम की बागवानी हो रही है। इस बार फसल को देखते हुए करीब 117 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आम की फसल की पैदावार की उम्मीद की जा रही थी। इस बार जिले में करीब 20 लाख क्विंटल आम की फसल की पैदावार का अनुमान था।
जिले में बुधवार को आई तेज आंधी से करीब 25 फीसदी नुकसान हुआ है। इससे आम की फसल करीब पांच लाख क्विंटल टूटकर गिर गई है। व्यापारियों को करीब 15 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है। जिले में दशहरी, चौसा, लगड़ा, सफेदा व फजली आदि प्रजाति के आम होते हैं। सबसे अधिक दशहरी आम दिल्ली, राजस्थान, पंजाब व हरियाणा आदि प्रदेशों में सप्लाई होता है। जिले का यह आम समूचे देश से लेकर विदेशों में भी अपनी महक और मिठास के लिए जाना जाता है।