सभी किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्जा माफ करने, डा. स्वामीनाथन रिपोर्ट के मुताबिक फसलों का लाभकारी मूल्य देने, आलू का समर्थन मूल्य 1000 रूपये प्रति कुंतल करने और गन्ना किसानों का बकाया भुगतान कराने की सहित अन्य समस्याओं को लेकर सोमवार को हजारों किसानों ने राजधानी में हुंकार भरी। किसान मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के अपने फैसले पर अड़े तो प्रशासन के हाथपांव फूल गये। शाम को एडीएम आपूर्ति ने मंगलवार को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे के बीच मुख्यमंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन दिया तो किसान शांत हुये।
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भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आज हजारों की संख्या में प्रदेश भर से किसान राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत की अगुवाई में झूलेलाल पार्क में आयोजित राष्ट्रीय किसान महापंचायत में एकत्र हुये थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार से किसानो के कर्जमाफी को तत्काल लागू करने और किसान आयोग का गठन करने मांग जोरदार तरीके से उठाई। उन्होंने दोपहर एक बजे के बाद बैलगाड़ियों से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का एलान कर दिया। इसके बाद प्रशासन लगातार उन्हें मनाने में लगा रहा।
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शाम को एडीएम आपूर्ति ने मंच पर आकर बताया कि मुख्यमंत्री से मंगलवार को वार्ता कराई जाएगी। नरेश टिकैत ने कहा कि मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री से अपनी मांगो को लेकर बात करेंगे अगर हमारी मांगे पूरी न हुई तो हम कार्यकारिणी से बात करके अपनी लड़ाई को निरंतर जारी रखेंगे।
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भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की कर्जमाफी पर 36000 करोड़ रूपये का बजट जारी करने का दावा कर रही है लेकिन ये नही बताया जा रहा है कि आखिर कर्जमाफी की शुरुआत कौन से जिले से की गई है। किसानों की आत्महत्या का सिलसिला अभी भी जारी है। उन्होंने सभी किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि किसान महापंचायत प्रदेश कि सरकार को आगाह करने के लिए है। उन्होंने अवैध खनन के नाम पर किसानों के उत्पीड़न पर कहा कि पुलिस बीते चार महीनों में सबसे ज्यादा भ्रष्ट हो गई है। उन्होंने शिक्षा मित्रों का समायोजन रदद करने को नाइंसाफी बताया और सरकार से इसका हल निकालने का अनुरोध किया।
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प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था। इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिये। भाकियू लखनऊ के मंडल अध्यक्ष हरनाम वर्मा ने कहा है कि आज हम बैल गाड़ियों और ट्रैक्टर ट्रालियों से लखनऊ राष्ट्रीय किसान महापंचायत में इस उम्मीद के साथ शामिल होने आये हैं कि सरकार हमारी मांगे सुन लेगी और किसानो को हो रही असुविधा से निजात दिलाएगी। किसान कर्जमाफी का भुकतान न होने से परेशान हैं।
किसानो की मांगे:
किसान आयोग का गठन किया जाए, प्रदेश के गन्ना किसानो का बकाया भुकतान अविलंब कराया जाय, भाजपा के चुनावी घोषणा के अनुसार सभी किसानो का पूर्णता कर्ज माफ किया जाए, बिजली के जो दर बढायी गयी है उसे वापस लिया जाए, प्रदेश में नयी नहरो का निर्माण किया जाए, बुंदेलखंड के किसानो के समाधान के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया जाए, आंदोलन के दौरान हुए किसानो के सभी मुकदमे वापस लिए जाएं, किसानो को पेंशन और फसलों का लाभकारी मूल्य मिले।