शिक्षक न केवल बच्चों को शिक्षित करते हैं बल्कि समाज को प्रेरणा देने का भी काम करते हैं। नक्खास स्थित एमडी शुक्ला इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. हरिनारायण उपाध्याय भी उन्हीं शिक्षकों में से हैं, जो गरीब बच्चों को शिक्षित करने के लिए आगे आए और बाकी शिक्षकों को भी प्रेरित करने का काम कर रहे हैं।
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मलिन बस्ती के बच्चों को पढ़ातीं भानुमती देवी
- फोटो : amarujala
आमतौर पर ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यालयों के शिक्षक परिवार सहित सैर-सपाटे के लिए प्रदेश से बाहर निकल जाते हैं, लेकिन सहायता प्राप्त विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. हरिनारायण ने इस बार कुछ अलग करने की ठानी। उन्होंने अपने परिवार के साथ मिलकर मलिन बस्तियों के बच्चों को शिक्षित करने का काम किया। उनके इस सामाजिक काम में उनकी पत्नी भानुमति देवी और बेटी रिचा उपाध्याय भी साथ रही।
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मलिन बस्ती के बच्चों को पढ़ाते डॉ हरिनारायण
- फोटो : amarujala
गर्मी की छुट्टियों के दौरान उन्होंने एक दर्जन से ज्यादा गरीब बच्चों को अंग्रेजी, गणित, हिंदी और नैतिक शिक्षा की शिक्षा दी। उन्होंने रोजाना दो घंटे अपने घर में इन गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी। डेढ़ घंटे बाकी विषयों को पढ़ाया जबकि आधे घंटे नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया। नैतिक शिक्षा देने का कार्य उनकी बेटी ने किया। ये सभी बच्चे छह से नौ वर्ष की आयु के थे और वे स्कूल नहीं जाते थे। उन्होंने बच्चों को कॉपी-किताब व बैग भी उपलब्ध कराया।
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मलिन बस्ती के बच्चों को पढ़ाते डॉ हरिनारायण
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यही नहीं उन्होंने उनके अभिभावकों को उन्हें स्कूल भेजने के लिए भी प्रेरित किया। ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद वे इस सामाजिक कार्य को अनवरत चालू रखने की योजना बना रहे हैं। इसके तहत उन्होंने नारा दिया है कि हर घर में दीप जलेगा हर बच्चा स्कूल चलेगा। इसके लिए वे एक एजुकेशनल हब तैयार कर रहे हैं, जिसमें शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ होंगे। जो सभी मिलकर ऐसे गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा देंगे।
मलिन बस्ती के बच्चों को पढ़ाते डॉ हरिनारायण
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गरीब बच्चों को पढ़ाने के अलावा उन्होंने अपने स्कूल के रख-रखाव के लिए भी विशेष योगदान दिया। सरकार की तरफ से कोई आर्थिक मदद न मिलने के बावजूद उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ मिलकर अपने खर्चे पर अपने विद्यालय का रंग-रोगन करवाया। शिक्षा क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के चलते गत वर्ष उन्हें राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्हें राज्यपाल भी सम्मानित कर चुके हैं।