बाराबंकी शहर की आवास विकास कॉलोनी के एक मकान में मंगलवार को ललित किशोर गौड़ (40) उनकी पत्नी प्रीति (33), पुत्र प्रेम (12) और अकृत (8) के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। इस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के साथ एसपी ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। ललित किशोर के साथ उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसके चलते चार माह से घर का किराया और दोनों बच्चों की स्कूल की फीस नहीं चुकाई थी।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन के चलते कारोबार भी नहीं चल पा रहा है। मकान मालिक गजेंद्र सिंह ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते ललित चार माह से घर का किराया नहीं दिया था। मकान का पांच हजार रुपये प्रति माह किराया था। ललित के दोनों बेटे शहर के एक अच्छे स्कूल में पढ़ते थे लेकिन कई माह से उनकी फीस नहीं दी गई थी। लाकडाउन की वजह से काम न चलने से परेशान ललित परिवार से संपर्क कर प्रापर्टी में हिस्सेदारी मांग रहा था।
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मौके पर जांच करते अधिकारी
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इसी तरह सफेदाबाद में गत माह हुई थी वारदातः आवास विकास कॉलोनी की तरह ही छह जून को शहर से लगे सफेदाबाद में एक वारदात हुई थी। सफेदाबाद निवासी विवेक शुक्ला के साथ पत्नी अनामिका और तीन बच्चों के शव घर में संदिग्ध हालात में पाए गए थे। छानबीन में पुलिस ने आशंका जताई कि आर्थिक कारणों से विवेक ने पत्नी व बच्चों को मारने के बाद फांसी लगाकर जान दे दी।
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मौके पर पहुंची पुलिस और लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मऊ निवासी ललित किशोर गौड़, उनकी पत्नी व दो बेटों के शव फांसी के फंदे से लटके मिले। ललित दो साल पहले दिल्ली से आए और एक व्यक्ति के साथ एलईडी बल्ब बनाने का काम शुरू किया। सुसाइड नोट में भाई व मां से संपत्ति का विवाद बताया है। प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला लग रहा है। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता लग सकेगी। - डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, एसपी
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बाराबंकी में परिवार ने सामूहिक आत्महत्या की
- फोटो : अमर उजाला
मौत से पहले ललित किशोर द्वारा बनाए गए वीडियो क्लिप को देखने के दौरान उसे कई पुलिस कर्मियों ने उसे अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिए। इसकी जानकारी होने पर एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने पुलिस कर्मियों को बुलाकर अपने सामने उनके मोबाइल फोन से वीडियो क्लिप डिलीट करवाई।
बाराबंकी में परिवार ने सामूहिक आत्महत्या की
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दिल्ली से आने के बाद शुरू किया कारोबार
पुलिस ने बताया कि ललित किशोर गौड़ दो साल पहले तक दिल्ली में एक एलईडी लाइट बनाने वाली कंपनी में नौकरी करता था। उसके बाद लखनऊ तबादला हो गया। लखनऊ आने के बाद ललित ने लखनऊ के एक व्यापारी के साथ मिलकर एलईडी बल्व बनाने का काम शुरू किया था। प्रापर्टी का विवाद फर्म मालिक से होने का भी ललित ने अपनी डायरी में उल्लेख किया है। पुलिस फर्म मालिक और उससे संबंधित लोगों से संपर्क कर रही है।