उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सफेदाबाद में शुक्रवार को दंपती और बच्चों की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक विवेक शुक्ला की आर्थिक तंगी के लिए परिजनों ने कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। भाई मोहित शुक्ला ने बताया कि विवेक ने काफी धनराशि बाराबंकी के रहने वाले रामकुमार जायसवाल को हैदरगढ़ रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज की खरीद के लिए दी थी।
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मृतक विवेक की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उस व्यक्ति ने कोल्ड स्टोरेज में साझेदारी देने की बात कही और पैसे ले लिए। यह सौदा नहीं हो पाया तो विवेक ने पैसे मांगे लेकिन वह बहाने बताकर रकम वापस करने की बात टाल जाता और अंतत: रकम हजम कर गया। मृतक के कुछ करीब लोगों ने बताया कि मृतक ने एक बड़ी रकम लखनऊ के रहने वाले एक सराफा व्यापारी से ली थी।
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मां अनामिका और तीन बच्चे(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
अपने दिए हुए रुपये न मिल पाना और उधार ली हुई रकम को लौटाने के दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। मृतक के भाई मोहित ने यह भी बताया कि लखनऊ के राजाजी पुरम का रहने वाला ज्ञानेंद्र भी उनकी काफी रकम हजम कर गया। उसने बताया कि पुलिस ने भी हमें बताया कि सुसाइड नोट में रामकुमार जायसवाल को अपनी और परिवार की मौत का कारण बताया है।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मृतक के बड़े भाई अमित शुक्ला जो कि पुणे में रहकर एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वह शुक्रवार की रात को यह हादसा सुन गांव वापस आए। अमित ने बताया कि मैं छह महीने पहले वह गांव आया था, तो विवेक ने काफी कर्ज में डूबा होना बताया था। वह कह रहा था कि अब मेरे पास कुछ नहीं बचा।
तो मैंने ढांढस बंधाया की तुम मोबाइल के अच्छे इंजीनियर हो नई शुरूआत करो और आर्थिक रूप से कहीं मेरी जरूरत पड़े तो बेहिचक कह सकते हो। इस पर वह ठीक है बस इतना बोला था।