रायबरेली के फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुआ) के जिस प्रशिक्षु पायलट की सोमवार को आजमगढ़ में विमान क्रैश होने से मौत हो गई, वह तीन बहनों में इकलौता भाई था। पिता एयर इंडिया में कार्यरत थे। हादसे की खबर लगते ही इग्रुआ में शोक की लहर दौड़ गई। पूरे परिसर में सन्नाटा छाया हुआ है। हर कोई प्रशिक्षु पायलट की मौत से दुखी है।
अमेठी जिले के फुरसतगंज में स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी का एक प्रशिक्षु विमान आजमगढ़ जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान क्रैश हो जाने से इसे उड़ा रहे पायलट कोणार्क शरन की मौत हो गई। कोणार्क ने सोमवार सुबह लगभग 10.20 बजे इग्रुआ के रनवे से टीबी-20 प्रशिक्षु विमान से क्रॉस कंट्री सोलो प्रशिक्षण के लिए उड़ान भरी थी।
विज्ञापन
3 of 5
chartered plane crash in azamgarhchartered plane crash in azamgarhchartered plane crash in azamgarh
- फोटो : अमर उजाला
करीब एक घंटे बाद ही लगभाग 11.30 बजे कोणार्क का प्रशिक्षु विमान आजमगढ़ जिले में क्रैश हो गया। हादसा इतना जबरदस्त था कि विमान के परखच्चे उड़ गए और प्रशिक्षु पायलट कोणार्क शरन की मौत हो गई। इग्रुआ के मीडिया प्रभारी रामकिशोर द्विवेदी की माने तो प्रथमदृष्टया यह घटना मौसम की खराबी के कारण हुई है।
4 of 5
chartered plane crash in azamgarh
- फोटो : अमर उजाला
कोर्णाक शरन ने इग्रुआ में करीब तीन साल पहले यानी सितंबर 2017 में प्रवेश लिया था और प्रशिक्षण के 125 घंटे पूर्ण कर चुका था। प्रशिक्षु पायलट की उम्र 21 वर्ष थी और वह हरियाणा प्रांत के पलवल के आदर्श नगर का रहने वाला था। इग्रुआ के मीडिया प्रभारी बताते हैं कि कोणार्क शरन के पिता रामशरन एयर इंडिया में कार्यरत थे, जो रिटायर हो चुके हैं।
वह तीन बहनों में इकलौता भाई था। किसी को उम्मीद नहीं थी कि इतना दर्दनाक हादसा हो जाएगा। इस दुखद हादसे से संस्थान में शोक छाया हुआ है। कोणार्क काफी होनहार था। हंसमुख और मिलनसार होने से साथी प्रशिक्षु पायलट ही नहीं, बल्कि पूरा संस्थान दुखी है।