पतित पावनी सरयू की कलकल धारा रविवार की अल सुबह साधु-संतों के जय श्रीराम के नारे व मस्जिदों में अजान के साथ रामनगरी हर रोज की तरह चल पड़ी। भोर में साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने सरयू में लंबी डुबकी ली। बाहर निकले तो सीताराम का जाप करते हुए मंदिर की अराधना के लिए हर रोज की तरह चल पड़े। ठीक यही नजारा अयोध्या के मस्जिदों का रहा। सुबह अजान हुई और दिनचर्या चल पड़ी। लोग सुबह की सैर और फिर अन्य कामों में व्यस्त हो गए। ऐतिहासिक फैसले के एक दिन बाद रामनगरी के हर शख्स की आंखों में खुशी व आत्म विश्वास झलक रहा था। सुरक्षा व्यवस्था के चलते लोगों को थोड़ी दिक्कत हुई लेकिन, रामलला विराजमान होंगे, इस खुशी से लबरेज अयोध्यावासी इस समस्या को झेलने के लिए तैयार दिखे।
विज्ञापन
2 of 5
ayodhya case
- फोटो : अमर उजाला
अमन चैन की मिसाल बनी रामनगरी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रविवार को पटरी पर लौट आई। लोगों का जीवन सामान्य हो गया। भोर से ही राम नगरी के लोग अपनी दिनचर्या निपटाने में व्यस्त हो गए। पुलिस की छावनी बनी सड़कों पर भी माहौल सामान्य दिखाई दिया। मॉर्निंग वॉक पर निकले फैजाबाद के अवनींद्र कुमार ने कहा कि ऐतिहासिक फैसला आने के बाद अब सारे विवादों का पटाक्षेप हो गया है। सभी को इस सुप्रीम फैसले को मानना चाहिए। इस फैसले से अयोध्या में रोजगार बढ़ेगा और विकास की राह भी आसान होगी।
विज्ञापन
3 of 5
ayodhya case
- फोटो : अमर उजाला
अब सभी पर जनप्रतिनिधियों को चाहिए की राम नगरी के विकास के लिए अपना योगदान बढ़ाएं। फैजाबाद में देवकाली रोड पर मेडिकल स्टोर चला रहे हिमांशु मिश्रा का कहना है कि रामलला के पक्ष में ही फैसला आना था। जीत सत्य की ही होती है। अब यह सत्य और लोगों को भी स्वीकार कर लेना चाहिए और भाईचारा कायम कर मिसाल कायम करनी चाहिए। अयोध्या से सटे बेनीगंज निवासी सरफराज का कहना है कि इस फैसले के साथ अब सभी विवादों पर रोक लगनी चाहिए। अयोध्या पर पूरे विश्व की नजर है। पर्यटन के लिए भी सर्वाधिक विकास की संभावना बता रहे है। इससे सभी का विकास होगा।
4 of 5
अयोध्या में सुरक्षा कड़ी
- फोटो : अमर उजाला
आईडी प्रूफ दिखाकर ही मिल रहा प्रवेश
अयोध्या में रविवार को भी सुरक्षा इंतजाम सख्त रहा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के एक दिन बाद भी रामनगरी में आईडी प्रूफ के बिना प्रवेश संभव नहीं है। थोड़ी-थोड़ी दूर पर लगे प्रत्येक बैरिकेटिंग पर सघन तलाशी के बाद ही शहर में प्रवेश दिया जा रहा। सुरक्षाकर्मियों की टुकड़ियां लगातार मोहल्लों में गश्त कर रही है। मोहल्लों में भी लगे बैरिकेटिंग अभी भी हटाए नहीं गए हैं। हनुमान गढ़ी और श्रीरामजन्मभूमि का रास्ता बैरिकेटिंग कर पूरी तरह से रोका गया है। स्थानीय लोग व मीडियाकर्मियों को आईडी प्रूफ दिखाने पर ही पैदल अंदर जाने दिया जा रहा है। संवेदनशील मोहल्लों में सुरक्षाकर्मी डटे हैं और लगातार घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों को समझ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लगाम लगने से ही मिली सफलता
वरिष्ठ आईपीएस व एडीजी अभियोजन आशुतोष पांडेय की मानें तो मीडिया की मदद से अयोध्या में सोशल मीडिया पर लगाम लगाई गई जिससे शहर से कहीं कोई भाम्रक व भड़काऊ पोस्ट नहीं चली। पुलिस के लिए ये एक बहुत बड़ी सफलता रही। इसमें सभी का योगदान रहा। फैसले के बाद अयोध्या में जाबांज सुपरकॉप आईपीएस को शासन द्वारा मॉनीटरिंग के लिए जिम्मेदारी दी गई तो उन्होंने सोशल मीडिया पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू की। एडीजी अभियोजन का कहना है कि कुछ लोगों ने कहा, इंटरनेट बंद करा दें मगर, ऐसा करने से गलत मैसेज जाता। हालांकि, इंटरनेट की स्पीड जरुर कम रही। लेकिन, किसी को भी इंटरनेट इस्तेमाल में बाधा नहीं आई। अब चुनौती थी कि सोशल मीडिया को काबू करना। इसलिए हमने लोगों को जागरूक कर अयोध्या की संवेदनशीलता समझाने का काम शुरू किया। इसके लिए मीडिया की मदद ले ली। पुलिसकर्मियों ने भी घर-घर जाकर लोगों को जागरुक किया और इसमें सफलता भी मिली।