रामनगरी अब तेजी से न सिर्फ आस्था बल्कि पर्यटन का भी प्रधान केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। घरेलू श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या तो आस्था का केंद्र है ही, अब विदेशी श्रद्धालुओं को भी रामनगरी आकर्षित कर रही है। राममंदिर पर सुप्रीम फैसला आने व इसका निर्माण शुरू होने के बाद तो रामनगरी धार्मिक पर्यटन के हब के रूप में तब्दील हो चुकी है। प्रमुख पर्व-त्योहारों व उत्सवों पर अयोध्या में लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं तो इनमें विदेेशी भक्तों की संख्या भी कम नहीं होती। रामनगरी में पर्यटन को बढ़ावा मिलना अयोध्या की संपन्नता का भी संकेत है।
रामनगरी अयोध्या भक्तों व श्रद्धालुओं के साथ विदेशियों को भी लुभा रही है। भारतीय ही नहीं विदेशी पर्यटक भी रामनगरी पहुंच यहां की संस्कृति व आध्यात्म से परिचित हो रहे हैं। पर्यटन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2014 से ही रामनगरी में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि शुरू हो गई थी जो 2019 तक जारी रही। इसके बाद कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी और 2020-21 में न सिर्फ श्रद्धालुओं बल्कि विदेशी पर्यटकों की भी आमद बहुत ही कम हो गई।
अब जैसे ही कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमी है, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि भी शुरू हो गई है। खासकर विदेशी भक्तों को अयोध्या तेजी से लुभा रही है। जनवरी से लेकर अप्रैल तक करीब दो सौ विदेशी पर्यटक अयोध्या आकर दर्शन-पूजन करने के साथ ही यहां की संस्कृति से रू-ब-रू हो चुके हैं। अयोध्या के टूर गाइड व अयोध्या डायरी के संस्थापक अभिषेक सावंत बताते हैं कि जब से राममंदिर निर्माण शुरू हुआ और मंदिर निर्माण देखने की व्यवस्था ट्रस्ट की ओर से की गई, तब से अयोध्या में घरेलू व विदेशी पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मार्च में मैक्सिको से आए 22 सदस्यीय विदेशी भक्तों ने रामनगरी की आध्यात्मिकता में डुबकी लगाई।
उन्होंने बताया कि स्पेन, इटली व जर्मनी सहित कोरिया से भी इस बीच विदेशी पर्यटक अयोध्या पहुंचे। कहा कि अयोध्या विदेशी भक्तों को तेजी से लुभा रही है। राममंदिर निर्माण के साथ सरयू का तट, राम की पैड़ी, कोरिया पार्क की भव्यता, हनुमानगढ़ी व कनकभवन की आध्यात्मिकता व वाल्मीकि भवन सहित अन्य कई मंदिरों का स्थापत्य इन्हें खूब भा रहा है।