सरकारी इमारतों के बड़ी संख्या में एसी का प्रयोग हो रहा है।
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इन उदाहरणों से समझें मौसम में आने वाले बदलावों को:
केस-1: दिसंबर की शुरुआत में न कोहरा, न हाड़ कंपाने वाली ठंड
जिस ला-नीना के चलते कड़ाके की ठंड के आसार थे, वही कमजोर पड़ गया। नतीजतन, दिसंबर के पहले हफ्ते का मौसम तेज धूप, हवा न चलना और हाफ स्वेटर में भी पसीना आने जैसा रहा। वहीं, कोहरा भी नहीं पड़ा। विज्ञानियों ने बताया कि भूमध्य रेखीय प्रशांत महासागर में ला-नीना के कमजोर पड़ने से तापमान इस महीने औसत से अधिक रहा। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के निष्क्रिय बने रहने से एक से सात दिंसबर तक अधिकतम तापमान 25 से 29 डिग्री तक और न्यूनतम पारा 13 से 18 डिग्री के बीच रहा।
केस-2: मार्च में ही गर्मी ने दिखाए मई से तेवर
सुबह होते ही तपन, दिन चढ़ने के साथ झुलसाती धूप और लू के थपेड़े, आमतौर पर ये मई की शुरुआत का संकेत देते हैं। हालांकि, इस साल मार्च में मौसम के तेवर कुछ ऐसे रहे हैं। 16 से 21 मार्च तक अधिकतम पारा 35 से 39 डिग्री रहा। वहीं, बीते वर्ष में 16 से 21 मार्च के बीच पारे की रफ्तार 34 से 36 के बीच थी। साल 2021 में 30 मार्च को पारे ने 40 डिग्री का आंकड़ा छुआ था, जबकि इस साल यह महीने के मध्य तक आते-आते इसके करीब पहुंच गया।