फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावन मास से पहले तीज-त्योहारों की फुहार संग मांगलिक कार्य भी, यहां देखें डेट

Tue, 03 Jul 2018 01:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 8
- फोटो : डेमो
सावन मास शुरू होने से पहले राजधानी आषाढ़ मास में तीज-त्यौहारों की फुहार में भीगेगी। 22 जून से शुरू हुए वर्ष के चौथे मास में आधा दर्जन से अधिक त्यौहारों के साथ कई धार्मिक आयोजन होंगे।
विज्ञापन

2 of 8
- फोटो : डेमो
इस मास भगवान जगन्नाथ जहां शहर भ्रमण को निकलेंगे, वहीं हरिशयन एकादशी से पूर्व सड़कें बैंडबाजा बारात की धूम से गूंज उठेंगी। इसी मास गुरु पूर्णिमा पर गुरु की आराधना होगी। सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई को पड़ेगा।
विज्ञापन

3 of 8
- फोटो : डेमो
बलभद्र और सुभद्रा के साथ भगवान जगन्नाथ 14 जुलाई को नगर भ्रमण पर निकलेंगे। जयकारों के बीच रथारूढ़ भगवान जगन्नाथ को भक्त सुबह से देर रात तक भ्रमण कराएंगे। आधे दर्जन से अधिक स्थानों से निकलने वाली यात्रा में भक्त पुरी की तर्ज पर भगवान के रथ को नंगे पैर खींचेंगे। मुख्य यात्रा अमीनाबाद मारवाड़ी गली स्थित मंदिर से निकलेगी, जिसमें इस्कॉन का हरिनाम संकीर्तन दल भी शामिल होगा। इसके अलावा डालीगंज के माधव मंदिर, मोतीनगर गौड़ीय मठ, बापू भवन गेट के पास से, चौपटियां, गुडंबा, ऐशबाग मास्टर कन्हैया लाल रोड से गाजे-बाजे के साथ रथयात्रा निकाली जाएगी। 

4 of 8
- फोटो : डेमो
जुलाई में छह सहालग के चलते सड़कें बैंड बाजा और बारात से गुलजार होगी। जुलाई में 5, 6, 9, 10, 11 और 16 जुलाई को सहालग रहेंगी। उसके बाद हरिशनी एकादशी के चलते सहालग थमेंगी। जाड़ों में सहालग का टोटा रहेगा। 18 जून से चल रहा बैंड बाजा और बारात का दौर 16 जुलाई को थमेगा। 
विज्ञापन

5 of 8
डेमो - फोटो : डेमो
हरिशयनी एकादशी पर 23 जुलाई से पूजा-पाठ और कीर्तन के बाद भगवान नारायण शयन करेंगे। इसी के साथ चौमासा शुरू हो जाएगा। चौमासे के दौरान साधु-संतों का विचरण रुकेगा। वे चार महीनों तक एक ही स्थान पर रुके रहेंगे। जैन मुनि जैन मंदिरों में प्रवास करेंगे। शयन के दौरान सभी मांगलिक कार्य रुके रहेंगे। 
विज्ञापन

6 of 8
डेमो - फोटो : डेमो
गुरु के प्रति श्रद्धा और आदर व्यक्त करने का पर्व गुरु पूर्णिमा 27 जुलाई को मनाई जाएगी। गुरु पूर्णिमा को 18 पुराण और लाखों श्लोक के रचयिता व्यासजी की जयंती के रूप में मनाई जाती है। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। गुरु पूर्णिमा पर शहर में तमाम आयोजन होंगे। इसी दिन खग्रास चंद्रग्रहण भी है। 
विज्ञापन

7 of 8
- फोटो : डेमो
अधिक ज्येष्ठ मास होने के चलते इस बार सावन मास 28 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। 26 अगस्त तक चलने वाले सावन मास में चार सोमवार 30 जुलाई, 6 अगस्त, 13 अगस्त और 20 अगस्त को पड़ेंगे। इन्हीं सावन मास के दौरान नगर के नामी शिवालयों में सुबह से शाम तक रुद्राभिषेक संग पूजा-अर्चना होगी। राजेन्द्रनगर महाकाल मंदिर में हर सोमवार सुबह उज्जैन की तर्ज पर भस्म आरती होगी।
विज्ञापन

8 of 8
- फोटो : डेमो
ये भी होंगे आयोजन
10 जुलाई - प्रदोषव्रत, रोहणी व्रत
11 जुलाई - मासिक शिवरात्रि
12 जुलाई - स्नान-दान अमावस्या
25 जुलाई - प्रदोष व्रत
27 जुलाई - चंद्रग्रहण
28 जुलाई - सावन प्रारंभ 
30 जुलाई - सावन का पहला सोमवार व्रत
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें