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लखनऊ में आज यहां होगा अटलजी की अस्थियों का विसर्जन, यहां पढ़ें इस घाट की विशेष बातें-

Thu, 23 Aug 2018 02:25 PM IST
सोनम तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
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Atal Bihari Vajpayee
पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी हमेशा से ही विकास और गंगा-जमुनी तहजीब के पक्षधर रहे। बात जब उनके संसदीय क्षेत्र लखनऊ की हो तो इन दोनों ही मुद्दों का जिक्र होना लाजमी है। इस शहर को वह विकसित देखने के साथ-साथ यहां अमन-चैन भी चाहते थे। उनके सपनों को साकार करने के पथ पर लखनऊव अग्रसर है। आज गोमती घाट पर जहां उनकी अस्थियों का विसर्जन होने जा रहा है, वह क्षेत्र भी विकास और गंगा-जमुनी तहजीब का साक्षी है। आइए देखें कैसे-
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metro on gomti river - फोटो : amar ujala
विकास की बात करें तो यहां गोमती नदी के ऊपर से लखनऊ मेट्रो गुजर रही है। वैसे तो राजधानी में मेट्रो शुरू हुए कई महीने हो गए लेकिन शहर में इसी स्थान से नदी के ऊपर से मेट्रो पुल बनाया जा रहा है, जो अपने आप में शहर के विकास को दर्शाता है।
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shyam mandir and nadwa college - फोटो : amar ujala
यह घाट गंगा-जमुनी तहजीब की भी मिसाल है। एक ओर जहां इस पार्क में श्याम मंदिर है तो सड़क के उस पार नदवा मुस्लिम कॉलेज। आए दिन यहां धार्मिक आयोजन सकुशल शांति पूर्वक होते हैं। यही नहीं, कुछ ही मीटर की दूरी पर भगवान भोले का प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर मनकामेशवर भी है। ऐसे संगम स्थल पर अटलजी की अस्थियों को विसर्जित किया जाएगा।

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shaheed smarak lucknow - फोटो : amar ujala
इसके अलावा यह घाट शहीदों की स्मृतियों का साक्षी भी है। नदी के उस पार शहीद स्मारक है, जहां वीर जवानों की कहानियां अमर हैं। ऐसे घाट पर देश के अजातशत्रु वाजपेयी जी की अस्थियों को विसर्जन करना, लखनऊवासियों के लिए गर्व की बात है।
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jhulelal park - फोटो : amar ujala
झूलेलाल पार्क में इसी घाट पर भगवान गणेश की प्रतिमाएं हों या फिर मां दुर्गा की, सभी का विसर्जन यहां होता है। इस लिहाज से यह लखनऊ का मुख्य घाट बन गया है। अब अटलजी की अस्थियां विसर्जित होने के बाद यहां की महत्ता और बढ़ जाएगी।
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atal bihari vajpayee - फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि 11 साल पहले वर्ष 2007 में अटलजी आखिरी बार लखनऊ आए थे। अब उनकी अस्थियां यहां आ रही हैं, जिन्हें अंतिम विदाई देने के लिए लखनऊवासी तैयार हैं। 
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