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सीएम योगी से मिले 34,716 सिपाहियों की भर्ती को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी, ये मिला भरोसा

Wed, 17 Jan 2018 09:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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समायोजन की मांग के लिए विधानभवन घेरने जा रहे पुलिस आरक्षी भर्ती-2015 के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने बुधवार को लक्ष्मण मेला मैदान में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसी दौरान चार अभ्यर्थी गोमती नदी में कूद गए, जिससे अफरा-तफरा मच गई। काफी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को निकाला गया तो एक बेहोश हो गया। इससे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और बढ़ गया। हालांकि शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन पर प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना स्थगित कर दिया।

उच्च न्यायालय में राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पक्ष न रखने से नाराज पुलिस आरक्षी भर्ती-2015 के सफल अभ्यर्थियों ने चारबाग स्टेशन से बीरबहादुर सिंह के नेतृत्व में विधानभवन कूच किया। यहां पहले से ही मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उन्हें स्टेशन के बाहर ही रोका तो अभ्यर्थियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। काफी नोकझोंक के बाद पुलिस ने एसीएम प्रथम गौरव रंजन श्रीवास्तव की अगुवाई में अभ्यर्थियों को लक्ष्मण मेला मैदान पहुंचा दिया। इसी दौरान राय विक्रम बहादुर सिंह, राजू यादव, साहिल यादव और प्रदीप सोनकर गोमती नदी में कूद गए। इससे वहां अफरातफरी मच गई। आननफानन इन्हें नदी से निकाला गया। इसी दौरान बलिया का जितेंद्र बेहोश होकर गिर गया तो अभ्यर्थियों में आक्रोश फैल गया। उधर, अभ्यर्थियों की नाराजगी को देखते हुए प्रशासन ने शाम को मुख्यमंत्री से उनकी वार्ता कराई।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे बीरबहादुर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों को न्यायालय में उचित पैरवी कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी 2018 तक न्यायालय से फैसला आ जाएगा। यही सभी को मान्य होगा। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से अंशू यादव, मोहम्मद अकबर, देवेन्द्र प्रताप सिंह, पुनीत सिंह, साक्षी यादव, दीक्षा सिंह, प्रेमलता, आलोक सिंह शामिल रहे।
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ये है मामला
बीरबहादुर सिंह ने बताया कि सपा सरकार ने 29 दिसंबर 2015 में सिपाहियों की 34716 पदों पर भर्ती निकाली थी। प्रक्रिया के खिलाफ दलगत राजनीति के चलते याचिका उच्च न्यायालय में दाखिल की गई। कोर्ट ने 27 मई 2016 को एक अंतरिम आदेश में परीक्षा के अंतिम परिणाम पर रोक लगा दी। उनका कहना है कि सरकार के अधिवक्ता ने शुरू में तो न्यायालय में प्रभावी पैरवी की लेकिन बाद में उचित पैरवी नहीं की।

इसकी वजह से 28916 पुरुष और 5800 महिला आरक्षी के अलावा पीएसी आरक्षी के पदों पर नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। उच्च न्यायालय में 20 जनवरी 2017 को फैसला सुरक्षित किया गया था लेकिन परिणाम जारी नहीं किया गया। 9 अक्तूबर को फिर उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया, इसमें राज्य सरकार की ओर से उचित पैरवी नहीं की गई।

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अभ्यर्थी बड़ी संख्या में लखनऊ में इकट्ठा हुए थे।
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प्रदर्शन के दौरान कुछ आक्रोशित युवा लक्ष्मण मेला मैदान के पास गोमती नदी में कूद गए।
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जिस पर हंगामा मच गया और उनके साथियों ने ही उन्हें मफलर की रस्सी बनाकर बाहर निकाला।
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प्रदर्शन करता एक अभ्‍यर्थी।
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प्रदर्शन में आए हुए अभ्यर्थी।
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