कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी नियुक्ति कराने वाले मास्टर माइंड समेत तीन आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों को जेल भेजने का आदेश दिया। एसटीएफ ने सोमवार को मास्टर माइंड पुष्पेंद्र उर्फ राज के साथ ही फर्जीवाड़े में शामिल बेसिक शिक्षा विभाग के जौनपुर के जिला समन्वयक आनंद सिंह व हरदोई में बीएसए के प्रधान लिपिक रामनाथ को गिरफ्तार कर गोंडा पुलिस के हवाले किया था।
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आरोपियों का मेडिकल जांच करते डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
मास्टरमाइंड ने पल्ला झाड़ा, सहमे रहे बेसिक शिक्षा कर्मी
एसटीएफ ने अनामिका प्रकरण के मुख्य सरगना के साथ बेसिक शिक्षा के दो कर्मियों को पुलिस के हवाले किया। जिला अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराने गए तीनों आरोपियों ने एक दूसरे से बातचीत नहीं की। मास्टर माइंड पुष्पेंद्र उर्फ सुशील उर्फ राज ने मीडिया से कहा कि वह कोई नौकरी नहीं देता था और अन्य दोनों को वह पहचानता तक नहीं है।
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मुख्य आरोपी का मेडिकल
- फोटो : अमर उजाला
यही नहीं जौनपुर का समन्वयक आनंद सहमा दिखा और पूरे मामले से पल्ला झाड़ते नजर आया। कहा कि उसे फंसाया जा रहा है। उसने एक पुलिसकर्मी का नाम भी लिया। हरदोई के प्रधान लिपिक रामनाथ भी सहमा-सहमा नजर आया।
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anamika shukla
- फोटो : अमर उजाला।
रात बारह बजे लाए गए तीनों आरोपी
इससे पहले पुलिस मास्टर माइंड समेत तीनों आरोपियों को लेकर आधी रात के बाद गोंडा पहुंची। सुबह तक तीनों नगर कोतवाली में रहे और सुबह नहाने के बाद अस्पताल ले जाए गए। वहां से दोपहर बाद कोर्ट भेजे गए। तीनों जालसाजों ने यह दिखाने की पूरी कोशिश की, कि वह एक दूसरे को नहीं जानते हैं। रात में भी एक-दूसरे बात नहीं की और सुबह तो एक-दूसरे को पहचानने से ही इनकार करते रहे।
एसटीएफ ने अनामिका प्रकरण का खुलासा करके तीनों आरोपियों को सौंप दिया है, जिन्हें न्यायालय में पेश किया गया और वहां से जेल भेज दिया गया। लक्ष्मीकांत गौतम, सीओ सिटी