अमेठी के फुरसतगंज के जायस के निखई मोहल्ले में बृहस्पतिवार दोपहर का दृश्य देखकर हर किसी की आंख नम हो गई। आकाश (22) और ज्योति (20) की अर्थियां एक साथ घर से उठीं तो माहौल गमगीन हो गया। गांव के बाहर बाग में दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।
मां तारावती बेटे और बहू के असमय चले जाने से गहरे सदमे में हैं। वह बार-बार बेहोश हो रही हैं। भाई अनिल और बहनें भी बेसुध हैं। घर के आंगन में पसरा सन्नाटा परिजनों के विलाप से टूटता रहा। गांव के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे पर किसी के पास ढांढस बंधाने के लिए शब्द नहीं थे। हर चेहरा शोक से भरा दिखा।
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- फोटो : amar ujala
परिवार आंगन में बच्चे की किलकारी सुनने की तैयारी कर रहा था लेकिन अचानक आठ माह की गर्भवती बहू की प्रसव पीड़ा से मौत और सदमे में बेटे की मौत ने परिवार के सपनों को बिखेर दिया। हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
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आकाश कस्बे की एक दुकान पर कार्यरत था। मेहनती और हंसमुख स्वभाव के कारण सभी का प्रिय था। ज्योति भी सरल और मिलनसार थी। दोनों की एक साथ हुई मौत ने पूरे मोहल्ले को स्तब्ध कर दिया।
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बृहस्पतिवार शाम तक गांव में शोक का माहौल बना रहा। रिश्तेदार और आसपास के लोग लगातार पहुंचते रहे। कोई चुपचाप आंसू पोंछता, तो कोई परिजनों को सांत्वना देने का प्रयास करता नजर आया।
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हर किसी के मन में यही सवाल था कि इतनी कम उम्र में ऐसा दर्द किस्मत कैसे लिख सकती है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष महेश प्रताप सोनकर, बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश कमल सहित बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।