अब आप आसमान से भी लखनऊ की खूबसूरती का नजारा ले सकते हैं। इसके लिए आपको देनी होगी कितनी कीमत, यह जानने के लिए अगली स्लाइड पर क्लिक करें।
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इमामबाड़े, रूमी दरवाजा, सतखंडा, रेजीडेंसी, छतर मंजिल... और ऐसी ही तमाम ऐतिहासिक इमारतें लखनऊ की शान हैं। अब इन धरोहरों की खूबसूरती को आसमान से भी निहारा जा सकेगा।
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पर्यटन विभाग ने हेलीकॉप्टर से पर्यटकों को लखनऊ दर्शन कराने की योजना तैयार की है, जिसके तहत ढाई हजार रुपये में विभाग पर्यटकों को 10 मिनट की हवाई सैर कराएगा।
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लखनऊ धरोहरों का गढ़ है, जहां सालाना 49.29 लाख पर्यटक आते हैं। इन पर्यटकों को नई सुविधाएं देने के लिए पर्यटन विभाग लगातार नई योजनाएं तैयार कर रहा है। इसी क्रम में एयर टूरिज्म का खाका तैयार किया गया है, जिसके तहत हेलीकॉप्टर से पर्यटकों को लखनऊ की सैर कराई जाएगी।
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पर्यटन विभाग की एयर सर्विसेज प्रबंधक नीरज पाहुजा ने बताया कि पहले महाराष्ट्र में हेलीकॉप्टर से सैर कराई जाती थी, उसी की तर्ज पर लखनऊ में इसे शुरू करवाया जा रहा है। पर्यटकों को कहां से कहां तक की सैर कराई जाएगी। यह तय किया जाना है। साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा व अन्य सुविधाओं पर विचार चल रहा है।
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हवाई सैर का किराया ढाई से तीन हजार रुपये के बीच होने का अनुमान है। छह कंपनियों ने आवेदन किए हैं। हेलीकॉप्टर से लखनऊ दर्शन की सुविधा अगस्त से शुरू होने की उम्मीद है। बता दें कि इससे पहले विभाग की ओर से नाइट टूरिज्म की अवधारणा को जमीन पर उतारा गया था, जो काफी पसंद किया गया।
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वहीं, पिछले वर्षों में विभाग ने हॉट एयर बैलून फेस्टिवल करवाया था, जिससे पर्यटकों में आसमान से लखनऊ को देखने की ललक बढ़ी थी।
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आसमान से दस मिनट पर निहार सकेंगे शहर का वैभव
पर्यटन अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्ट से लखनऊ दर्शन कराने की योजना पहले चरण में है। इसके तहत जिन कंपनियों के आवेदन आए हैं उन्हें अब पूरी रिपोर्ट तैयार करके देनी है। हेलीकॉप्टर से सैर की समय सीमा अधिकतम दस मिनट की होगी। हालांकि, इसे बढ़ाकर 15 मिनट भी किया जा सकता है। इसके लिए हेलीपैड पर्यटन विभाग बनाकर देगा, जो धरोहरों के आसपास हो सकता है।
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एयरपोर्ट अथॉरिटी से लेनी होगी अनुमति
हेलीकॉप्टर की योजना शुरू करने से पहले विभाग को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ेगा। इसमें कंपनियों को हेलीकॉप्टर सेवा देने के लिए तैयार होना और इसके बाद हेलीपैड बनाना जल्द तय हो जाएगा। इसी दौरान विभाग को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से भी अनुमति लेनी होगी। इसमें वायुसेना स्टेशन व एयरपोर्ट प्रशासन की सहमति भी मांगी जाएगी।
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बनेगा हेलीपोर्ट, पर्यटकों की सुरक्षा पर रहेगा फोकस
हेलीकॉप्टर से लखनऊ दर्शन करानी वाली कंपनियों को पर्यटन विभाग को कई सुविधाएं मुहैया करानी होंगी। इसमें सबसे पहले हेलीपोर्ट बनाना होगा। इसके बाद यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस रहेगा और उनके स्वास्थ्य, फायर वगैरह की सुविधाओं का भी ख्याल रखना होगा। पर्यटन विभाग इन जरूरतों को तेजी से पूरा करने में लगा हुआ है।
‘हेलीकॉप्टर से लखनऊ दर्शन की योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। छह कंपनियों के आवेदन आए हैं। इसमें दस से पंद्रह मिनट की सैर होगी, जिसके एवज में ढाई से तीन हजार रुपये किराया रखा जाएगा। लखनऊ के अलावा मथुरा, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद में भी यह योजना शुरू होगी।’ - अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव, पर्यटन