आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में छह लोगों की मौत के बाद परिवारीजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटों की मौत की सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मां सोना कन्नौजिया ने बताया कि दो दिन पहले विष्णु से बात हुई थी।
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Accident
उससे कहा था कि ज्यादा कोहरा हो रहा है। ट्रेन से आ जाना। कार से आने की जरूरत नहीं है। परिवार को भी साथ लाने से मना कर दिया था। लेकिन विष्णु मां की बात की अनदेखी कर पूरे परिवार के साथ कार से लखनऊ के लिए निकल पड़ा। लेकिन घर पहुंचने से पहले ही पूरा परिवार कोहरे और ट्रक चालक की लापरवाही का शिकार हो गया।
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर शव का इंतजार कर रही मां की आंख से टपक रहे आंसू थम नहीं रहे थे। वह एक टक अपने बेटे के पर्स में लगे फोटो को देख रही थी। कभी वह उसमें रखे तीन सौ रुपए को निकालकर देखती। फिर उसे अंदर रख देती।
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हादसे का शिकार हुई कार।
- फोटो : amar ujala
उसके आसपास चार बेटे, देवर और उनका परिवार भी था। लेकिन किसी में इतना साहस नहीं था कि मां को ढांढस बंधा सके। एक साल पहले बीमारी से जूझ रहे अपने पति को खो चुकी सोना कन्नौजिया दो बेटों, बहू और पोते-पोती की मौत ने पूरी तरह से तोड़ दिया।
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हादसा
- फोटो : amar ujala
हादसे की सबसे पहले सूचना रिश्तेदार आशियाना किला निवासी मनोज को दी गई। विष्णु के मोबाइल में करीब आधे घंटे पहले मनोज से बात हुई थी। हादसा स्थल पर पहुंचे मनोज ने बताया कि विष्णु के कार का टायर देर रात आगरा में अचानक फट गया था। उसने इसकी जानकारी मोबाइल पर दी थी।
टायर फटने की बात सुनी तो वहीं आसपास होटल में रात गुजारकर चलने की सलाह दी थी। लेकिन विष्णु ने आसपास से टायर का इंतजाम कर लिया। इसकेलिए उसने 1500 रुपए भी खर्च किए। सुबह नौ बजे जब उससे बात हुई तो उसने बताया कि लखनऊ पहुंच गए है। आधे घंटे में आशियाना उनके घर पहुंच जाएंगे। लेकिन आधे घंटे बाद हादसे की सूचना पुलिस ने दी।