vivek tiwari
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कल्पना तिवारी के अनुसार जब वह लोहिया अस्पताल पहुंची तो काफी देर तक पुलिस और डॉक्टर टालमटोल करते रहे। पति से मिलने भी नहीं दिया। गोली लगने की भी बात नहीं बताई। काफी देर बाद डॉक्टर से जबरदस्ती करने पर उन्होंने कहा कि एक्सीडेंट के कारण विवेक का काफी खून बह गया था, जिसके चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका।