अभिनेत्री अनन्या खरे और एक्टर जाकिर हुसैन लखनऊ पहुंचे और अपने दिल की बातें शेयर की ।
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जाकिर और अनन्या
- फोटो : amar ujala
कई बार दर्शकों को लगता है कि अगर ये एक्टर विलेन बना घूम रहा है। इसके चेहरे के भाव ऐसे हैं तो ये कॉमेडी कभी कर ही नहीं सकता। आम आदमी या मिडिल क्लास से जुड़े मुद्दों पर तो हंसा ही नहीं सकता। ऐसे में कलाकार के लिए चेंज और चैलेंज के मामले दोनों सामने होते हैं। मौका मिलते ही अच्छी स्क्रिप्ट मिलते ही कलाकार नए अनुभव के लिए हां कर देता है। यह बातें फिल्म एक्टर जाकिर हुसैन ने एक सवाल के जवाब में कहीं। वे मंगलवार को लखनऊ में थे।
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जाकिर और अनन्या
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उनके साथ अभिनेत्री अनन्या खरे भी शहर पहुंची। गोमतीनगर के होटल में हुई प्रेस वार्ता में जाकिर ने बताया कि 32-35 सालों से इंडस्ट्री में हूं, लेकिन कई बार लगता है कि ये भी सीखना बाकी है, वो भी सीखना बाकी है। एक कलाकार के लिए सीखने की ये ललक होना ही उसके भीतर के कलाकार को जिंदा रखती है।
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जाकिर और अनन्या
- फोटो : amar ujala
कलाकार अनन्या खरे का कहना है कि अगर सिविल सेवा के पेपर लगातार लीक न होते वो आज अफसर होती। लखनऊ में रहे दिवंगत पत्रकार व साहित्यकार पिता विष्णु खरे की बेटी अनन्या ने बताया कि 90 के दशक में स्कूल-कॉलेज के दिनों से ही वो थियेटर से जुड़ी थी।
उसके बाद दिल्ली में पढ़ाई के दौरान वे सिविल सेवा की तैयारी कर रहीं थी, एग्जाम होने वाले थे और कुछ पेपर लीक होने के चलते इम्तिहान रद्द हो गए। इसके बाद से न जाने कैसे बॉलीवुड टीवी ने उन्हें अपनी ओर खींच लिया।