लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इस कॉलम में हम आपको ऐसे ही ‘अलग बात’ वाले वर्दी वालों से परिचित कराते हैं। इनमें सुलखान सिंह की अपनी अलग पहचान है। ईमानदार अफसर के रूप में महकमे में रहे चर्चित सुलखान सिंह के अपराधियों पर अंकुश लगाने के जमीनी प्रयास को लोग आज भी याद करते हैं।
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सेवानिवृत्त डीजीपी सुलखान सिंह
17 साल पहले लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक रहे सुलखान सिंह संभ्रांत नागरिकों के लिए जितने सरल, अपराधियों के लिए उतने ही कड़क थे। रिश्वतखोर पुलिसकर्मी उनके निशाने पर रहते थे। सुलखान सिंह के पुलिस महानिदेशक बनते ही पुलिसकर्मी घूस लेने से डरने लगे। उन्होंने प्रदेश पुलिस की कमान संभालने के साथ बेईमान पुलिसकर्मियों को मुख्यधारा से अलग किया।
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सेवानिवृत्त डीजीपी सुलखान सिंह
- फोटो : amarujala
इसके साथ अपराध नियंत्रण के जमीनी प्रयास शुरू किए। सड़क पर पुलिस को सक्रिय करके अपराधियों के हौसले पस्त करने का फार्मूला लागू किया। इसके चलते दफ्तरों में छुट्टी के समय से लेकर बाजार बंद होने तक फुट पेट्रोलिंग के आदेश जारी किए। जिलों के कप्तान भी टीम के साथ व्यस्त बाजार में पैदल भ्रमण पर निकले। इसके साथ उन्होंने पुलिस की बीट व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कदम उठाए।
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सेवानिवृत्त डीजीपी सुलखान सिंह
- फोटो : amarujala
इलाके के संभ्रांत व्यक्ति और अपराधियों की जानकारी न रखने वाले दरोगा-सिपाहियों पर सख्ती होते ही पूरे प्रदेश की पुलिस हरकत में आ गई। रोजाना फुट पेट्रोलिंग से पुलिसकर्मियों के तोंद घटने शुरू हुए और अपराध पर अंकुश लगा। इसके साथ हाइवे पर प्रभावी पेट्रोलिंग कराई।
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सेवानिवृत्त डीजीपी सुलखान सिंह
- फोटो : amarujala
कई जिलों में कप्तानी के साथ विभिन्न पदों पर रह चुके सुलखान सिंह को पुलिस महानिदेशक बनने पर अपना नेटवर्क बनाने में ज्यादा वक्त नहीं लगा। दूरदराज के जिलों में भी पुलिस अधिकारियों के क्रियाकलापों की उन्हें सीधे जानकारी मिल जाती थी।
पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की
तत्कालीन डीजीपी के कार्यकाल में लूट-डकैती ही नहीं चोरी की भी वारदात में पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय कराई। किसी दुकान या मकान का शटर या ताला टूटने पर अफसरों ने गश्त व पिकेट के पुलिसकर्मियों से सवाल शुरू किए। ताला टूटने की आवाज न सुनने या रास्ते से गुजरे संदिग्धों से पूछताछ में कोताही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी सख्ती की गई।