एकेटीयू
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तकनीकी ने बदली सूरत
रोजगारपरक शिक्षा से युवाओं को मिला जॉब
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के लिए साल 2019 उपलब्धियों वाला रहा। इस साल जहां संस्थान ने अपने लक्ष्य के अनुरूप विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए तो दूसरी तरफ उनकी अत्याधुनिक तकनीकी से कदमताल भी करवाई।
- विवि ने अपनी सेवाओं-सुविधाओं में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग किया तो हिंदी में कोडिंग व पाइथन सीखने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ एक पोर्टल लॉन्च किया। मूक्स के काफी लेक्चर ऑनलाइन उपलब्ध कराए। कोर्स कंटेंट हिंदी में उपलब्ध कराया, जिसे छात्रों ने काफी सराहा।
- ई-ऑफिस सुविधा शुरू करने वाला प्रदेश का पहला विवि बना। स्वच्छ कैंपस रैंकिंग में विवि को देश में पहला स्थान मिला।
- विवि के घटक संस्थान आईईटी को पांच ब्रांच में एनबीए का एक्रिडिएशन मिला है। इस साल विवि से संबद्ध कॉलेजों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ।
- विवि ने दीक्षांत समारोह से पहले ही विद्यार्थियों की डिग्री-मार्क्सशीट डिजिलॉकर में अपलोड कर दी।
- ऑनलाइन अटेंडेंस मॉनिटरिंग सिस्टम प्रभावी हुआ।
- विवि के अधिकारियों ने टीबी प्रभावित बच्चों को गोद लेकर उनका पूरा जिम्मा उठाया तो गांव गोद लेकर वहां की समस्याओं पर भी काम शुरू किया।
- विवि के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में नैनो टेक्नोलॉजी व रोबोटिक्स की नई लैब शुरू की।
- विश्वविद्यालय ने शैक्षिक कैलेंडर का पालन किया और समय पर परीक्षा व परिणाम पर जोर दिया।
- भ्रष्टाचार की शिकायत पर आईईटी के एक शिक्षक व आईईटी के उप कुलसचिव को निलंबित किया गया।
- कॉलेज में प्रवेश के नाम पर ठगी करने वाले के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई।
चिंताजनक
विश्वविद्यालय से संबद्ध प्राइवेट कॉलेजों में विद्यार्थियों का टोटा रहा। पीजी में लगभग 90 फीसदी सीटें खाली रहीं।