लखनऊ के फैजाबाद रोड पर चिनहट में बृहस्पतिवार को पुलिस की वसूली एक परिवार पर आफत बनकर टूटी। वसूली के फेर में हुए सड़क हादसे में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि माता-पिता समेत छह लोग जख्मी हालत हो गए। वसूली कर रहे ट्रैफिक और पुलिसकर्मी मौके से भाग गए। राहगीरों से सूचना पाकर आई चिनहट पुलिस ने घायलों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया है। युवक के माता-पिता की हालत नाजुक बताई जा रही है। (इनसेट में मृत छात्र नीतेश)
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इंस्पेक्टर प्रदीप यादव ने बताया कि कालीचरन ग्राम विकास विभाग में नाजिर हैं और गोमतीनगर के विनयखंड में रहते हैं। बृहस्पतिवार सुबह वह स्विफ्ट कार से आजमगढ़ से भतीजी अंजली की शादी से लौट रहे थे। साथ में पत्नी रेखा, 21 वर्षीय बेटा नितेश उर्फ पप्पू, मोनू, बेटी स्नेहा व भतीजे आदित्य और युवराज थे। कार कालीचरन चला रहे थे। करीब साढ़े आठ बजे उनकी कार फैजाबाद रोड स्थित गोयल इंस्टीट्यूट के सामने सड़क पर खड़ी डीसीएम के पीछे घुस गई। कालीचरन और आगे बैठा नितेश बुरी तरह से जख्मी हो गए।
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सूचना पाकर पहुंची चिनहट पुलिस ने कार में फंसे खून से लथपथ लोगों को बाहर निकलवाकर ट्रॉमा सेंटर भेजा जहां चिकित्सकों ने नितेश को मृत घोषित कर दिया। कालीचरन और रेखा की हालत गंभीर है जबकि स्नेहा, मोनू, युवराज व आदित्य को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
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टक्कर इतनी भीषण थी कि डीसीएम अपनी जगह से करीब 20 मीटर आगे पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि डीसीएम वाहन बाराबंकी की तरफ से आ रहा था। कार भी उसी दिशा से आ रही थी। कार की स्पीड अधिक थी। पुलिस ने जब डीसीएम वाहन को रोका तो शायद कार चालक उसे देख नहीं सका और हादसा हो गया।
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हादसा होते ही भाग निकले वसूली कर रहे सिपाही
डीसीएम के चालक व उन्नाव के अजगैन निवासी विशाल ने बताया कि वह अयोध्या से चिनहट के कमता इलाके में आ रहा था। सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह गोयल के पास स्थित ट्रैफिक की अस्थाई चौकी के पास पहुंचा ही था कि सिपाही दिनेश कुमार यादव व तीन अन्य पुलिसकर्मियों उसे रोक लिया। डीसीएम जैसे ही रुकी, सिपाही दिनेश जबरन चाबी निकालने लगा। इसी बीच पीछे से आ रही कार ने पीछे से टक्कर मार दी। चीखपुकार मचने पर सभी पुलिसकर्मी भाग गए। हादसे के वक्त दो ट्रैफिक सिपाही भी मौके पर थे।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था नितेश
नितेश की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। लोहिया अस्पताल पहुंचे कालीचरन के चचेरे भाई जगराम ने बताया कि वह लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकॉम करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। नितेश आईएएस-पीसीएस अफसर बनना चाहता था। (अस्पताल में इलाज के दौरान छात्र।)