सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही सत्तर साल से कानूनी लड़ाई में उलझे रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला विराजमान के पक्ष में निर्णय सुनाया, समूची अयोध्या राममय हो उठी।
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सरयू नदी
- फोटो : अमर उजाला
संत-धर्माचार्यों ने मंत्र का उच्चारण कर आराध्य को याद किया। जो जहां था वहीं से रामजन्मभूमि की ओर शीश झुकाता दिखाता दिखा।
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सरयू नदी
- फोटो : अमर उजाला
एक तरफ लोगों ने जहां सरयू नदी पर आरती की वहीं लोगों ने घरों में दीये जलाए। हिंदू पक्षकारों को अपना दावा खारिज होने के बाद भी जहां राममंदिर बनने की खुशी थी, वहीं मुस्लिम पक्षकार भी फैसले का स्वागत करते नजर आए।
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सरयू नदी
- फोटो : अमर उजाला
यही नहीं सबके स्वर में एक ही संकल्प और उम्मीद थी कि अब यहां रामराज्य जैसा स्वरूप साकार करने में सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
सभी में इस बात की ज्यादा प्रसन्नता थी कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या को लेकर भविष्य की सारी राजनीति का भी अंत कर दिया। जीत हुई तो सिर्फ रामलला की, जिनकी न सिर्फ अयोध्या में रामजन्मभूमि की मिल्कीयत है बल्कि संपूर्ण सृष्टि उन्हीं से संचालित होती है।