अंग्रेजी दिलाती है भीख की मोटी रकम
बलरामनगर बस्ती के भिखारी अतर सिंह ने बताया कि कुछ एनजीओ वाले पढ़ाने आते हैं, उनसे बच्चों को अंग्रेजी सीखने पर जोर दिया जाता है। उनकी बस्ती में करीब 50 घर हैं और आबादी करीब 500 है। इनमें करीब 200 महिलाएं, 150 बच्चे व शेष पुरुष हैं। पुरुष शहर के अलावा अयोध्या, मथुरा, काशी और आगरा जैसे उन शहरों में भी जाते हैं, जहां विदेशी पर्यटकों से मोटी भीख मिलने की उम्मीद रहती है। यहां अंग्रेजी की जरूरत पड़ती है। वहीं, दूसरे भिखारी गोरखनाथ ने बताया कि बस्ती के ज्यादातर पुरुष बाहर गए हैं और दिनभर पर्यटन व धार्मिक स्थलों पर भीख मांगते हैं। सभी त्योहार में लौटेंगे और तब हिसाब होगा। वहीं, शहर में भीख का हिसाब रोज होता है।