सीतापुर
- फोटो : amar ujala
जब तक लोग कुछ समझ पाए और बंदर को ललकारा तब तक वह नोटों से भरा थैला लेकर पेड़ पर चढ़ गया। वहां, मौजूद सभी लोग बंदर से नोटों भरा थैला वापस लेने की जुगत सोचने लगे। कोई कुछ कर पाता इससे पहले ही बंदर ने थैले से नोट निकाले और एक-एक कर फाड़ कर नीचे फेंकना शुरू कर दिया जिससे उस बुजुर्ग के साथ मौजूद लोग बंदर द्वारा की जा रही नोटों की बारिश से नोट बीनने लगे।