राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र में सोमवार सुबह सचिवालय सुरक्षा में तैनात दरोगा के बेटे को उसके घर के ही पास गोली मार दी गई। उसकी लाश पड़ोस में स्थित एक खाली प्लॉट में मिली। पास में ही 315 बोर का तमंचा पड़ा था। परिवारीजनों की सूचना पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और फॉरेंसिक टीम की मदद से पुलिस जांच में जुटी है। एसओ बीकेटी विजय शंकर यादव ने बताया कि भौली गांव निवासी करुणा शंकर शुक्ला सचिवालय की सुरक्षा में उपनिरीक्षक हैं।
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दरोगा के बेटे की गोली मारकर हत्या, मचा हड़कंप
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उनका बेटा अंकित शुक्ला उर्फ भोलू (25) प्रॉपर्टी डीलर था। सुबह अंकित के मोबाइल फोन पर किसी का फोन आया और वह थोड़ी देर में घर लौटने की बात कहकर निकल गया। मोबाइल भी अंकित ने घर पर ही छोड़ दिया। सुबह लगभग नौ बजे पड़ोसी हरीशचंद्र त्रिवेदी की बेटी दिव्या त्रिवेदी कूड़ा फेंकने जा रही थी तो उसने करुणा शंकर के रिश्तेदार काशी प्रसाद शुक्ला के खाली प्लॉट में अंकित की लहूलुहान लाश पड़ी देखी। दिव्या ने शोर मचाकर अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी।
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सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। अंकित का शव प्लॉट की सटी बाउंड्री के किनारे औंधे मुंह पड़ा था। आधा शरीर बाउंड्री पर आधा जमीन पर था। करीब ही 315 बोर का तमंचा भी पड़ा हुआ था। दाहिनी कनपटी पर बेहद करीब से गोली मारी गई थी। जिससे उसका सिर फट गया था और भेजा बाहर निकल आ गया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से नमूने लिए गए हैं। सर्विलांस सेल की मदद से पता लगाया जा रहा है कि अंकित इन दिनों किन-किन लोगों के संपर्क में था।
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प्रॉपर्टी को लेकर था विवाद, आज थी कोर्ट में पेशी परिवारीजनों ने बताया कि भौली गांव के ही पप्पू सिंह से प्रॉपर्टी को लेकर अंकित का विवाद था। चार साल पहले पप्पू सिंह व अंकित के बीच कई बार मारपीट हुई थी। पप्पू सिंह ने अंकित पर जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट दर्ज करा रखी है। इसी मामले में अंकित की सोमवार को कोर्ट में पेशी थी। कई बार उसे जान से मारने की धमकियां भी मिल चुकी थीं।
नशा मुक्ति केंद्र में चल रहा था इलाज अंकित शुक्ला उर्फ भोलू कई साल से नशे का आदी हो चुका था। इसे लेकर उसकी मां मिथिलेश शुक्ला, बहनें मंजू, प्रीति, अंजू व रोली काफी परेशान रहती थीं। अंकित छह महीने से एक नशा मुक्ति केंद्र में अपना इलाज करा रहा था। भाई अतीत व अर्पित ने बताया कि अंकित की स्थिति में काफी सुधार था।