लखनऊ जंक्शन पर शुक्रवार को इंसानियत शर्मसार हो गई। जीआरपी सिपाही ने बुजुर्ग रिक्शेवाले मदन शाह को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। यही नहीं, रिक्शेवाले को घसीटते हुए चौकी तक ले गया। वहीं, देर शाम जब मामला मुख्यमंत्री दफ्तर पहुंचा तो आनन-फानन में जीआरपी अधिकारियों ने आरोपी सिपाही विश्वजीत को सस्पेंड कर दिया। जबकि चौकी इंचार्ज अमर सिंह पर भी कार्रवाई की जाएगी। जीआरपी जहां जाम हटवाने के दौरान बुजुर्ग को पीटने का मामला बता रही है। वहीं, यात्रियों व रिक्शेवालों ने बताया कि वसूली के विरोध पर रिक्शेवाले को पीटा गया है।
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लखनऊ जंक्शन पर अवैध वेंडरों का कारोबार जीआरपी की शह पर फलता-फूलता है। इसके चलते स्टेशन के बाहर अक्सर जाम लग जाता है। स्टेशन पर ही जीआरपी चौकी है, जिसके इंचार्ज अमर सिंह हैं। शुक्रवार दोपहर स्टेशन पर लगे जाम को हटाने के लिए सिपाही विश्वजीत पहुंचा। इस दौरान अचानक उसका गुस्सा बुजुर्ग रिक्शेवाले मदन शाह पर फूट पड़ा। सिपाही ने रिक्शेवाले पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए। उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
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इसके बाद घसीटते हुए चौकी तक ले गया। यहां भी रिक्शेवाला रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन जीआरपी अधिकारियों ने एक न सुनी। इसके थोड़ी देर बाद रिक्शेवाले की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ट्विटर के जरिए प्रकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय तक पहुंचा तो पुलिस के आला अधिकारी सकते में आ गए। आनन-फानन में सिपाही को बुलाया और उसे लाइनहाजिर कर दिया।
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वहीं, टिकट लेने के लिए स्टेशन पहुंचे यात्री अनिल तिवारी ने कहा कि जीआरपी इंचार्ज अमर सिंह की शह पर स्टेशन पर वसूली चलती है। अवैध वैंडरिंग होती है, इससे जाम लगता है। शुक्रवार को सिपाही ने बेतहाशा बुजुर्ग रिक्शेवाले को पीटा। पैसेंजर अनुभव सिंह ने कहा कि जीआरपी पुलिस वसूली में लगी रहती है।
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रोजाना होती है वसूली
लखनऊ जंक्शन पर यात्रियों के इंतजार में खड़े रिक्शेवालों ने आरोप लगाया है कि जीआरपी प्रभारी अमर सिंह के नेतृत्व में रोजाना वसूली होती है। सिपाही पचास से लेकर सौ रुपये तक वसूलते हैं। रिक्शा चालक अब्दुल ने बताया कि वसूली के अलावा सवारी करते हैं और किराया भी नहीं देते। रिक्शा चालक सुजान सिंह ने कहा कि कभी कभार पैसे नहीं देने पर रिक्शा तोड़ देते हैं।
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वसूली के खिलाफ चौकी इंचार्ज के खिलाफ जांच
लखनऊ जंक्शन पर चौकी इंचार्ज अमर सिंह पर वसूली करवाने का आरोप लगा, इसी क्रम में सिपाही ने बुजुर्ग को पीटा, जिस पर जांच बैठा दी गई है। आईजी अमिताभ यश को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो वसूले के खेल को उजागर करेंगे। साथ ही जिम्मेदार जीआरपी अधिकारियों पर कार्रवाई की रिपोर्ट डीजी गोपाल गुप्ता को सौंपेंगे।
इस पर जीआरपी के डीजी गोपाल गुप्ता का कहना है कि लखनऊ जंक्शन पर जीआरपी सिपाही विश्वजीत द्वारा बुजुर्ग रिक्शेवाले की पिटाई दुखद है। सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही आईजी अमिताभ यश को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो वसूली की भी पड़ताल करेंगे।