प्रदेश में नए सत्र 2018-19 में न सिर्फ इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या कम हुई है बल्कि सबसे ज्यादा इंजीनियरिंग की सीटें भी घटीं हैं। नए सत्र की संबद्धता प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार नए सत्र में प्रदेश भर में इंजीनियरिंग के 27 कॉलेज बंद होंगे और 16,917 सीटें भी घट जाएंगी। नए सत्र में सभी कोर्सों में कुल 17,833 सीटें कम होंगी।
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विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार इस वर्ष 265 कॉलेजों में बीटेक की पढ़ाई हो रही थी जो घटकर 238 हो जाएंगे। वहीं, इन कॉलेजों में जहां पहले 1,04,144 सीटें थीं वे इस सत्र में घटकर 87,227 रह जाएंगी।
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- फोटो : File Photo
बीटेक के बाद सर्वाधिक सीटें व कॉलेज एमबीए में कम हुए हैं। एमबीए में इस वर्ष 350 कॉलेजों में 33,147 सीटें थीं जो नए सत्र में 329 कॉलेजों में 31,919 सीटें हो जाएंगी। कुल 1228 सीटें घट जाएंगी और 21 कॉलेज बंद होंगे।
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इसी तरह एमटेक में 723, एमसीए में 455, एमबीए इंटीग्रेटेड में 240, बीआर्क में 189, बीएचएमसीटी में 39, बीएफए में 36, बीएफएडी में 21 सीटें कम होंगी। आर्कीटेक्चर के 4 कॉलेज कम होंगे। नए सत्र में विवि कुल 1,43,396 सीटों पर प्रवेश लेगा। जबकि विश्विद्यालय से संबद्ध कॉलेजों की संख्या 592 से बढ़कर 597 हो जाएंगी। सीटों की कटौती व कॉलेजों की चरणबद्ध बंदी संस्थानों के आवेदन पर की गई हैं।
बीफार्मा व एमसीए लेटरल एंट्री में बढ़ीं सीटें
नए सत्र में एक तरफ जहां अधिकतर कोर्सों में सीटें कम हुई हैं, वहीं बीएफार्मा व एमसीए लेटरल एंट्री में सीटें बढ़ीं हैं। बीफार्मा के 41 कॉलेज बढ़े हैं वहीं सीटें भी 2352 बढ़ी हैं। नए सत्र में कुल 9829 सीटों पर प्रवेश होगा। एमसीए लेटरल एंट्री में कॉलेज तो 13 ही हैं लेकिन यहां सीटें 54 बढ़ी हैं। इसमें कुल 930 सीटों पर प्रवेश होगा। बी-डेश, एमआर्क, एमटेक (पीटी), एमसीए इंटीग्रेटेड में सीटें व कॉलेजों की संख्या यथावत है।