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इस बीमारी के 25 प्रतिशत रोगी करते हैं आत्महत्या की कोशिश, ये हैं लक्षण

Fri, 25 May 2018 03:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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भागदौड़ भरी जिंदगी, रात तक मोबाइल चलाने की वजह से लोग अक्सर तनाव में रहते हैं। जो बाद में मानसिक रोग का कारण बनता है। इसी मानसिक बीमारी में से एक है सीजोफ्रेनिया। इस बीमारी से पीड़ित करीब 25 प्रतिशत मरीज खुदकुशी की कोशिश करते हैं। यह बातें बृहस्पतिवार को आईएमए भवन में प्रेस वार्ता के दौरान केजीएमयू के डॉ. सूर्यकांत ने कही।
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डेमो
डॉक्टर ने बताया कि इस बीमारी में व्यक्ति शक और शंका की बातें ज्यादा करता है। इसके अलावा अकेले में रहना, बेवजह हंसना, मुस्कुराना और खुद से ही बातें करता है इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। इससे पीड़ित व्यक्ति हर समय, हर जगह खतरा महसूस करते हैं।
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- फोटो : डेमो
इसका सबसे बड़ा लक्षण है कि व्यक्ति अपने रोजमर्रा के काम भी नहीं करता या उससे मतलब नहीं रख पाता। केजीएमयू के मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पीके दलाल ने बताया कि स्किजोेफ्रेनिया महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में ज्यादा होता है। 

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डेमो - फोटो : डेमो
उन्होंने बताया यह बीमारी एक प्रतिशत लोगों में होती है। डॉक्टर आलिम सिद्दीकी ने कहा कि इससे ग्रसित लोग नशे की चपेट में ज्यादा आते हैं।
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- फोटो : डेमो
ये हो सकते हैं कारण
इस बीमारी का कारण अनुवांशिक, पारिवारिक झगड़े या नशे की लत हो सकती है। हालांकि समय से इलाज शुरू होने पर आठ से 10 महीने में मरीज पूरी तरह ठीक भी हो सकता है। यदि माता-पिता में से किसी एक को यह बीमारी हो तो बच्चों में इस बीमारी की आशंका 15 से 20 प्रतिशत तक रहती है।
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