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Yoga Tips: 40 की उम्र के बाद पुरुषों को नियमित करना चाहिए इन योगासनों का अभ्यास, कई समस्याओं से रहेंगे दूर

Fri, 28 Aug 2026 02:49 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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yoga - फोटो : istock
Yoga Tips: कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उम्र के साथ होने लगती हैं। 40 वर्ष की उम्र के बाद शरीर कमजोर होने लगता है। ऐसे में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बढ़ती उम्र में मांसपेशियों में दर्द, हड्डियों की समस्या, त्वचा पर झुर्रियां और झाइयां आ जाती है। महिलाओं की तरह पुरुषों को भी स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन जीवनशैली, खानपान और एक्सरसाइज की आदत को अपनाकर लंबी उम्र तक स्वस्थ रह सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, योग कई तरह की शारीरिक समस्याओं और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। योगाभ्यास से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं और बढ़ती उम्र में होने वाले नकारात्मक बदलावों को भी कम कर सकते हैं। यहां कुछ योगासनों के बारे में बताया जा रहा है, जिसे 40 की उम्र के बाद पुरुषों को नियमित तौर पर करना चाहिए। इन योगासनों के अभ्यास से प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, मांसपेशियों और हड्डियों संबंधित परेशानियां दूर रहती हैं और त्वचा में निखार बना रहता है।
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Gomukhasana - फोटो : istock
गोमुखासन

इस योगासन के अभ्यास से साइटिका की परेशानी ठीक होती है। गोमुखासन हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक है। यह योग कंधों की जकड़न, रीढ़ को लंबा करने, तनाव व चिंता कम करने और पीठ की मसल्स को मजबूत करने में मदद करता है।
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padasan - फोटो : instagram
पद्मासन

पद्मासन घुटनों और कूल्हों के जोड़ों को लचीला बनाता है। घुटनों और टखनों में खिंचाव लाकर मजबूत करता है। रीढ़, पेट और मूत्राशय को उत्तेजित करता है। साथ ही मन को शांत रखने और पाचन क्रिया बेहतर बनाने में भी सहायक है। महिलाएं भी पद्मासन का अभ्यास कर सकती है। मासिक धर्म, साइटिका में होने वाली तकलीफ से राहत दिलाने के साथ ही गर्भावस्था में इस मुद्रा को करने से प्रसव आसान होता है।

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Viparita Karani - फोटो : istock
विपरीतकर्णी

विपरीत करणी योगासन के अभ्यास से पैरों को आराम मिलता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। मानसिक और शारीरिक रूप से चिंता मुक्त रखने में भी यह आसन फायदेमंद है। गठिया के मरीजों के लिए इस आसन का नियमित अभ्यास लाभकारी हो सकता है।
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अधोमुख श्वानासन - फोटो : Istock
अधोमुख श्वानासन

अधोमुख श्वानासन के अभ्यास से शरीर को जबरदस्त फायदे होते हैं। 40 के बाद पुरुषों को इस योग का अभ्यास नियमित तौर पर करना चाहिए। इस योग से पेट की निचली मांसपेशियां मजबूत होती हैं। पाचन में सुधार, रक्त संचार में वृद्धि और एंग्जाइटी पर काबू पाया जा सकता है।

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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
 
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