फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yoga Tips: टाइफाइड बुखार से उबरने के लिए करें इन योगासनों का अभ्यास, कमजोरी होगी दूर

Wed, 31 May 2023 01:52 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
टाइफाइड से रिकवरी के लिए योग - फोटो : istock
Yoga Poses to Recover From Typhoid Fever: इन दिनों टाइफाइड बुखार के मामले फैल रहे हैं। टाइफाइड फैलने का एक कारक दूषित पानी और भोजन भी है। टाइफाइड बुखार की अवधि 1-2 सप्ताह है, जिसमें बुखार लगभग 3-4 सप्ताह तक रहता है। इस दौरान मरीज को सिर दर्द, बुखार, शरीर दर्द, जी मिचलाना, दस्त या कब्ज, पेट में दर्द और कफ की शिकायत हो सकती है। सही समय पर इलाज मिलने पर लक्षणों को 3-4 दिन में ठीक किया जा सकता है। हालांकि बुखार के बाद शरीर काफी कमजोर हो जाता है।

बुखार के दौरान उल्टी और दस्त होने से गंभीर डिहाइड्रेशन हो सकता है। इससे कमजोरी महसूस होती है। इस दौरान पर्याप्त पानी व जूस का सेवन करना चाहिए, ताकि डिहाइड्रेशन की समस्या से निजात मिल सके और बुखार में कमजोरी को दूर कर सकते हैं। इसके अलावा टाइफाइड बुखार की समस्या से निजात पाने और बुखार से जल्दी रिकवरी के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास भी सहायक है। विशेषज्ञ योग की सलाह देते हैं। स्वस्थ मन और शरीर के लिए योग लाभकारी है। योग के अभ्यास से बुखार से जल्दी रिकवरी की जा सकती है।
 
विज्ञापन

2 of 5
ताड़ासन
ताड़ासन

ताड़ासन योग गठिया, दिल की बीमारी, शरीर को लचीला बनाने, पीठ व बाजुओं को मजबूत बनाने में असरदार है। इस आसन के अभ्यास से थकान दूर होती है, तनाव और चिंता से राहत मिलती है। ताड़ासन का अभ्यास करने के लिए पैरों के बीच दूरी बनाकर सीधे खड़े हो जाएं। दोनों हाथों को कमर की सीध में रखकर हथेलियों और उंगलियों को मिलाएं। गर्दन सीधी रखते हुए नजर सामने रखें और पैर की एड़ियों की ओर उठाएं। पंजों पर शरीर का पूरा भार रखें।
विज्ञापन

3 of 5
वृक्षासन योग - फोटो : istock
वृक्षासन

टाइफाइड बुखार से रिकवरी के लिए वृक्षासन का अभ्यास कर सकते हैं। इस योग को करने से एकाग्रता बढ़ती है, मांसेशियां मजबूत होती हैं। शरीर लचीला और रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है। इस आसन को करने के लिए पैरों के बीच दूरी बनाते हुए सीधे खड़े हो जाएं। अब दाहिने पैर को मोड़कर बाईं जांघ पर रखें। श्वास लेते हुए हाथ को ऊपर उठाएं और हथेलियों को आपस में मिलाकर नमस्कार मुद्रा बनाएं व मस्तिष्क को स्थिर रखें।

4 of 5
yoga - फोटो : yoga
वक्रासन

इस योग के अभ्यास से पेट पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। कैंसर की रोकथाम, पेट की समस्याओं, जैसे पाचन व कब्ज से राहत मिलती है। इस आसन को करने के लिए दाहिने पैर को फर्श से उठाते हुए भीतरी जांघ पर रखें और बाएं पैर पर शरीर का संतुलन बनाएं। पैरों को हथेलियों से सहारा देते हुे प्रणाम मुद्रा में आ जाएं और ऊपर की ओर देखें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Hamsasana - फोटो : istock
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें