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आज का योग: जीवनशैली में शामिल कर लीजिए यह तीन योगासन, बुढ़ापे तक रहेंगे फिट

Sun, 09 Jan 2022 12:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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योगासन के स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Pixabay
योग के अभ्यास को संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए फायदेमंद माना जाता है। मानसिक और शारीरिक सेहत को फिट बनाए रखने के लिए सभी लोगों को रोजाना योग करने की सलाह दी जाती है। शोध से पता चला है कि योग, वजन घटाने से लेकर पीरियड्स के दर्द को कम करने, हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और सुचारू पाचन सुनिश्चित करने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसके अलावा नियमित योग करने वाले लोगों को उम्र बढ़ने के साथ सेहत से संबंधित समस्याओं का जोखिम भी कम होता है।

योग विशेषज्ञ बताते हैं, कम उम्र से ही योग को जीवन का हिस्सा बनाकर उम्र बढ़ने के साथ होने वाली कई तरह की गंभीर समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं। बुढ़ापे से संबंधित स्वास्थ्य जटिलताओं को योग के माध्यम से कम किया जा सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि किन योगासनों का अभ्यास करके आप बुढ़ापे तक फिट रह सकते हैं?
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बोट पोज करने के फायदे - फोटो : istock
नौकासन योग
योग विशेषज्ञों के मुताबिक सभी लोगों को रोजाना नौकासन योग का अभ्यास जरूर करना चाहिए। यह आसन पेट की मांसपेशियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने, पाचन स्वास्थ्य को बेहतर रखने और पेट की चर्बी को कम करने में मददगार है। यह पेट और पैर की मांसपेशियों को भी मजबूत करता है। इस योग के अभ्यास से मोटापा का जोखिम कम हो जाता है, जिसे कई तरह की बीमारियों का मुख्य कारण माना जाता है।
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प्राणायाम करने के लाभ - फोटो : iStock
प्राणायाम का अभ्यास
शरीर में ऑक्सीजन और रक्त के संचार को बेहतर बनाए रखने में प्राणायाम योग का अभ्यास सबसे फायदेमंद माना जाता है। यह तनाव-चिंता और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में भी सहायक योग है। इस योग के अभ्यास से फेफड़े और हृदय मजबूत होते हैं जिससे भविष्य में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
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भुजंगासन योग के फायदे - फोटो : Istock
भुजंगासन योग के लाभ
भुजंगासन या कोबरा पोज का नियमित रूप से अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह मुद्रा आपकी पीठ के लचीलेपन में सुधार करती है और पेट, गर्दन और कंधों को टोन करती है। यह रक्त परिसंचरण को ठीक करने के साथ आपको थकान और तनाव से छुटकारा दिलाने में भी सहायक है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक भुजंगासन का अभ्यास करने से आपको बुढ़ापे में होने वाली कई तरह की समस्याओं से राहत मिल सकती है।



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

 
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