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योग टिप्स: लंबाई बढ़ाने के लिए करते हैं योग? इन 3 आसनों के बारे में जानें

Sun, 25 Oct 2026 10:57 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Yoga Tips for Height in Hindi: ताड़ासन, भुजंगासन और त्रिकोणासन को नियमित योग दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। ये पोश्चर और लचीलेपन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन लंबाई बढ़ाने का निश्चित उपाय नहीं हैं। योग का अभ्यास अपनी क्षमता के अनुसार और सही तकनीक से करें।

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लंबाई बढ़ाने के लिए योग - फोटो : AI

Can Yoga Increase Height: अच्छी लंबाई और सीधा शरीर कई लोगों की पसंद होती है। खासकर बच्चों और किशोरों के माता-पिता अक्सर यह जानना चाहते हैं कि लंबाई बढ़ाने के लिए कौन-सी एक्सरसाइज या योगासन फायदेमंद हो सकते हैं। इंटरनेट पर ताड़ासन, भुजंगासन और त्रिकोणासन जैसे योगासनों को लंबाई बढ़ाने से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन क्या सच में योग करने से हाइट बढ़ सकती है?

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबाई मुख्य रूप से आनुवंशिकता, पोषण, हार्मोन और विकास के दौरान मिलने वाली पर्याप्त नींद जैसे कारकों पर निर्भर करती है। बच्चों और किशोरों में हड्डियों की ग्रोथ प्लेट खुली रहने तक प्राकृतिक विकास होता है।

वहीं, वयस्कों में ये ग्रोथ प्लेट बंद हो जाने के बाद योग या स्ट्रेचिंग से हड्डियों की लंबाई बढ़ाना संभव नहीं होता। हालांकि, नियमित योग शरीर का लचीलापन बढ़ाने, मांसपेशियों को सक्रिय रखने और पोश्चर सुधारने में मदद कर सकता है। बेहतर पोश्चर के कारण व्यक्ति अधिक सीधा और लंबा दिखाई दे सकता है। आइए जानते हैं ऐसे तीन आसान योगासन, जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

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ताड़ासन - फोटो : Amar ujala

ताड़ासन

ताड़ासन को शरीर की मुद्रा और संतुलन पर ध्यान देने वाला सरल योगासन माना जाता है। इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें। रीढ़ को सीधा रखें, कंधों को ढीला छोड़ें और हाथों को शरीर के बगल में रखें। अब धीरे-धीरे हाथ ऊपर उठाएं और सहज रूप से पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचें। चाहें तो संतुलन बनाए रखते हुए पंजों पर भी उठ सकते हैं।

इस स्थिति में कुछ सेकंड रुकें और सामान्य सांस लेते रहें। फिर धीरे-धीरे शुरुआती स्थिति में लौट आएं। इसे 3 से 5 बार दोहराया जा सकता है। ताड़ासन संतुलन और शरीर की मुद्रा पर काम करने में मदद कर सकता है, लेकिन इससे हड्डियों की लंबाई बढ़ने का प्रमाण नहीं है।

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भुजंगासन - फोटो : Amar Ujala

भुजंगासन 

 
भुजंगासन पीठ के बल नहीं, बल्कि पेट के बल लेटकर किया जाता है। सबसे पहले पेट के बल लेटें और हथेलियों को कंधों के पास रखें। पैरों को पीछे की ओर सीधा रखें। अब सांस लेते हुए सिर और छाती को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। कोहनियों को हल्का मोड़ा हुआ रखें और कमर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें।

कुछ सेकंड तक सहज स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे वापस आ जाएं। इसे 3 से 5 बार अपनी क्षमता के अनुसार करें। यह आसन पीठ की मांसपेशियों और रीढ़ की गतिशीलता पर काम कर सकता है। कमर दर्द या रीढ़ से जुड़ी समस्या होने पर इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

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त्रिकोणासन - फोटो : Adobe

त्रिकोणासन

त्रिकोणासन शरीर के संतुलन और लचीलेपन का अभ्यास करने में मदद कर सकता है। सीधे खड़े होकर पैरों के बीच आरामदायक दूरी बनाएं। दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैलाएं। फिर धीरे-धीरे एक तरफ झुकें और हाथ को पिंडली या टखने की ओर ले जाएं, जितना सहज हो। दूसरे हाथ को ऊपर रखें और गर्दन पर दबाव न डालें।

कुछ सेकंड रुकने के बाद वापस सीधे खड़े हों और दूसरी तरफ भी यही प्रक्रिया दोहराएं। इस आसन में शरीर को जबरदस्ती खींचने से बचें। नियमित अभ्यास से लचीलेपन और संतुलन में मदद मिल सकती है।

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exercise, yoga - फोटो : Adobe

लंबाई के लिए किन बातों का रखें ध्यान?

बच्चों और किशोरों के सामान्य विकास के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी हैं। यदि बच्चे की लंबाई अपेक्षा के अनुसार नहीं बढ़ रही है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। कैल्शियम या विटामिन की खुराक बिना जरूरत और चिकित्सकीय सलाह के न लें।

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नोट - ध्यान रहे, योग लचीलापन और पोश्चर बेहतर करने में मदद कर सकता है, लेकिन लंबाई बढ़ने की गारंटी नहीं देता। खासकर वयस्कों में, हड्डियों की ग्रोथ प्लेट बंद होने के बाद योग से हड्डियों की लंबाई नहीं बढ़ती।

अस्वीकरण: अमर उजाला की योग और हेल्थ कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख योग गुरू और विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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