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Yoga Tips: पाचन से लेकर जांघों-घुटनों के लिए वीरासन योग की सलाह देते हैं विशेषज्ञ, जानिए इसका तरीका और लाभ

Sun, 08 Jan 2023 10:20 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वीरासन योग अभ्यास से क्या लाभ हैं? - फोटो : istock
योग कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ के लिए वर्षों से किया जाने वाला अभ्यास है। हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती से लेकर दिमाग को आराम देने और बेहतर नींद प्राप्त करने तक में इससे लाभ पाया जा सकता है। शरीर की स्ट्रेचिंग, प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने, शारीरिक और मानसिक शक्ति में सुधार करने तथा कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों के लक्षणों को कम करने में भी योगासनों के विशेष लाभ हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को दैनिक फिटनेस रूटीन में योगासनों को शामिल करने की सलाह देते हैं। वीरासन योग के अभ्यास से कई प्रकार से लाभ मिल सकता है, इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाना लाभकारी माना जाता है।

वीरासन योग, आसान और प्रभावी योगाभ्यासों में से है जिसे सभी उम्र के लोग करके लाभ पा सकते हैं। पैरों के साथ शरीर के निचले हिस्से की मजबूती और बेहतर रक्त संचार के लिए इससे लाभ पाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि वीरासन योग कैसे किया जाता है और इससे किस तरह के लाभ हो सकते हैं?
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वीरासन योग का अभ्यास - फोटो : Pixabay
वीरासन योग के अभ्यास का तरीका

'वीरासन' संस्कृत का शब्द है। 'वीर' मतलब योद्धा और 'आसन' का अर्थ है 'अभ्यास,' यानी कि योद्धाओं के तरह का अभ्यास। इस योग के नियमित रूप से अभ्यास करने के कई लाभ हो सकते हैं। पहले इसका सही तरीका जान लेना आवश्यक है।

इसके लिए फर्श पर घुटनों के बल बैठ जाएं। मजबूती से अपने पैरों केटॉप्स यानी उंगलियों को फर्श पर रखें। सुनिश्चित करें कि आप अपने पैरों पर नहीं बैठे हैं, बल्कि उनके बीच फर्श पर अपने पैरों के शीर्ष के साथ बैठे हैं। इसका अभ्यास 30 सेकेंड तक करें, इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आएं। योग के दौरान मन को केंद्रित रखें।
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पैरों के लिए फायदेमंद योगाभ्यास - फोटो : istock
वीरासन योग से होने वाले लाभ

वीरासन योग कई प्रकार से सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
  • यह अभ्यास जांघों, घुटनों और टखनों की स्ट्रेचिंग के लिए बेहतर है।
  • पाचन में सुधार करने और गैस-कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है।
  • रजोनिवृत्ति के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है।
  • गर्भावस्था के दौरान सूजन और शारीरिक सक्रियता को बनाए रखने में इसके लाभ हो सकते हैं।
  • उच्च रक्तचाप और अस्थमा के लक्षणों के लिए भी इस योग को किया जा सकता है।
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रीढ़-पीठ की समस्याओं में न करें वीरासन योग का अभ्यास - फोटो : iStock
वीरासन योग की सावधानियां

जल्दबाजी में इस योग का अभ्यास करने से बचें। पैरों में चोट या रीढ़ की समस्या हो तो इस आसन का अभ्यास न करें। किसी भी अभ्यास से अधिकतम लाभ प्राप्त करने से पहले इसके सही तरीके को जानने के लिए योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

वीरासन योग के प्रारंभिक दिनों में प्रशिक्षक की निगरानी में ही अभ्यास करें, जिससे किसी प्रकार की चोट या अन्य समस्याओं से बचा जा सके।


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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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