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Yoga Tips: क्या फैटी लिवर की समस्या वाले लोग योगासनों से पा सकते हैं लाभ? जानिए क्या है विशेषज्ञों की सलाह

Thu, 30 Jun 2022 11:57 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फैटी लिवर के लिए कौन से योग करें? - फोटो : iStock
लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण पिछले कुछ वर्षों में लिवर से संबंधित कई तरह की समस्याओं का जोखिम काफी तेजी से बढ़ा है, फैटी लिवर ऐसी ही एक समस्या है। यह शराब पीने या न पीने वाले, दोनों तरह के लोगों को हो सकती है। लिवर की इस बीमारी का असर संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, विशेषज्ञ सभी लोगों को फैटी लिवर की समस्या के लक्षणों पर ध्यान देते रहने और इससे बचाव के उपाय करने की सलाह देते हैं। इसके लिए आहार पर विशेष ध्यान देते रहने के साथ दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना आपके लिए लाभप्रद हो सकता है।

योग, स्पलीन की कार्यक्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ लिवर एंजाइमों को उत्तेजित करने में सहायता प्रदान करते है। योगासन, लिवर पर दबाव डालते हैं जिसके परिणामस्वरूप लिवर को मजबूत बनाने के साथ-साथ इसके समग्र कार्य में सुधार किया जा सकता है।

फैटी लिवर की समस्या वाले लोग कई तरह के योगासनों को दिनचर्या में शामिल करके अद्भुत स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस समस्या में किन योगाभ्यासों को विशेष फायदेमंद माना जाता है?
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कपालभाति प्राणायाम से क्या लाभ हैं? - फोटो : Pixabay
कपालभाति प्राणायाम के लाभ

कपालभाति प्राणायाम, सांस लेने के बेहतर अभ्यासों में से एक है जो लिवर को उत्तेजित करने में मदद करने और इसकी कार्यक्षमता को बढ़ाने में सहायक है। कपालभाति प्राणायाम लिवर पर दबाव बनाकर रक्त संचार को ठीक रखने, अंगों के कार्यों को बेहतर बनाने और लिवर से स्रावित होने वाले एंजाइमों-हार्मोन्स को व्यवस्थित रखने में मदद करता है। कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास लिवर में अतिरिक्त फैट के जमाव को रोकने में भी सहायक है।
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मत्सायसन या फिश पोज योग के लाभ - फोटो : iStock
मत्सायसन योग का अभ्यास

मत्सायसन योग या फिश पोज का अभ्यास, लिवर को उत्तेजित और मजबूत करने में मदद करता है। यह लिवर पर दबाव बढ़ाकर उसे स्वस्थ रखने और फाइब्रोसिस, एपोप्टोसिस, इंफ्लामेशन को दूर करके लिवर को मजबूत बनाने में मदद करता है। मत्सायसन योग  का अभ्यास लिवर के साथ-साथ पेट के अन्य अंगों, पीठ और कमर की समस्याओं को कम करने में भी आपके लिए मददगार हो सकता है।
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धनुरासन योग से होने वाले स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Pixabay
धनुरासन योग

धनुरासन योग या बो पोज का अभ्यास  लिवर को मजबूती देने और इसे स्ट्रेच करने में मदद करता है। यह लिवर में जमा अतिरिक्त फैट को कम करने के साथ लिवर से संबंधित तमाम तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को कम करने में भी सहायक है। पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने और पीठ के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने में भी यह सहायक योगासन है। धनुरासन योग का अभ्यास फैटी लिवर के  जोखिम को कम कर सकता है। 


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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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