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World Diabetes Day 2023: योग के अभ्यास से कम होती हैं डायबिटीज की जटिलताएं, इन आसनों से पा सकते हैं लाभ

Tue, 14 Nov 2023 11:11 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायबिटीज में कौन से योगासन करें? - फोटो : Pixabay
डायबिटीज का खतरा हर उम्र के लोगों के लिए बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि 40 से कम उम्र के लोगों के अलावा बच्चों में भी डायबिटीज का जोखिम हो सकता है। इस तरह के खतरे को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को इस गंभीर रोग से बचाव करते रहना आवश्यक हो जाता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि लाइफस्टाइल में गड़बड़ी विशेषकर शारीरिक निष्क्रियता के कारण मधुमेह के विकसित होने और इसकी जटिलताओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह की समस्याओं से बचाव करते रहने के लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

 वैश्विक स्तर पर बढ़ते डायबिटीज के खतरे को लेकर लोगों को अलर्ट करने और इससे बचाव को लेकर आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है।

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि डायबिटीज के प्रबंधन में अन्य उपायों के साथ अगर दिनचर्या में कुछ योगाभ्यासों को शामिल कर लिया जाए तो इससे विशेष लाभ पाया जा सकता है। आइए ऐसे ही कुछ अभ्यास के बारे में जानते हैं जो मधुमेह के खतरे को कम करने में आपके लिए सहायक हो सकते हैं। सभी उम्र के लोगों को योगासनों का नियमित अभ्यास जरूर करना चाहिए।
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धनुरासन योग से होने वाले लाभ - फोटो : istock
धनुरासन (बो पोज का अभ्यास)

डायबिटीज से बचाव या फिर इसकी गंभीर जटिलताओं को कम करने के लिए नियमित रूप से धनुरासन योग के अभ्यास को स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी लाभकारी मानते हैं। इस योग से शरीर की बेहतर स्ट्रेचिंग के साथ अग्न्याशय को मजबूत बनाने और इसके कार्यों को बेहतर करने में फायदा मिल सकता है। अग्न्याशय, इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन करने वाला अंग है। इसके अलावा इस योग  से पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने, पाचन को बढ़ावा देने और रक्त के संचार को ठीक रखने में भी विशेष लाभ पाया जा सकता है।
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विपरीत करणी से मधुमेह में लाभ - फोटो : Istock
विपरीत करणी योग से मिलता है लाभ

विपरीत करणी योग को लेग अप द वॉल पोज के रूप में भी जाना जाता है, जो शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है। यह अभ्यास भी अग्न्याशय और पेट के अंगों को उत्तेजित करने में सहायक है। यह मुद्रा ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस योग के नियमित रूप से अभ्यास करने से रक्तचाप को नियंत्रित करने और रक्त परिसंचरण में सुधार करने और ऊर्जा के स्तर को बेहतर बनाए रखने में भी लाभ पाया जा सकता है। विपरीत करणी योग का अभ्यास शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी माना जाता है। 
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मधुमेह को कंट्रोल करने वाले योग - फोटो : Pixabay
पश्चिमोत्तानासन योग की बनाएं आदत

पैरों की सीधा रखते हिए आगे की ओर झुकने वाले इस योग के अभ्यास को डायबिटीज के रोगियों के लिए कई प्रकार से लाभकारी माना जाता है। पेट और पैल्विक अंगों को टोन करने और शारीरिक मुद्रा को ठीक रखने में इस योग के लाभ हो सकते हैं। पश्चिमोत्तानासन योग का अभ्यास रक्त शर्करा को बढ़ने से रोकने में मदद करता है, इसके तनाव प्रबंधन में भी विशेष लाभ देखे गए हैं। सभी उम्र के लोग इस योग को करके विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं।



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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