फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज का योग: काम में नहीं लगता है मन या अक्सर रहते हैं तनाव से घिरे? इन योगासनों के अभ्यास से मिलेगा लाभ

Thu, 10 Mar 2022 12:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
दिमाग को तेज करने के लिए क्या करें? - फोटो : iStock
क्या आप भी अक्सर किसी एक काम में ज्यादा देर तक मन नहीं लगा पाते हैं? मन हमेशा परेशान और व्याकुल रहता है? इस तरह की समस्याओं से बचे रहने के लिए नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास करना अपके लिए फायदेमंद हो सकता है। हम सभी को दिन-प्रतिदिन के विभिन्न कार्यों को करने के लिए ध्यान और एकाग्रता की आवश्यकता होती है, लेकिन यदि आप काम में ज्यादा देर तक ध्यान लगा पाने में असमर्थता महसूस करते हैं, मन बार-बार भटक जाता है, तो इस बारे में गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। आपकी यह आदत आपकी उत्पादकता को प्रभावित कर सकती है।

यदि आप एकाग्रता बढ़ाने के उपाय खोज रहे हैं, तो योग आपकी इस समस्या का समाधान हो सकता है। कई तरह के योगासन आपके दिमाग को शांत करने के साथ एकाग्रता को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। मन शांत रहने से काम करने  की शक्ति और उत्पादकता दोनों बढ़ती है। आइए जानते हैं इस समस्या में किन योगासनों के अभ्यास को कारगर माना जाता है?
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
ट्री-पोज योग के क्या लाभ हैं? - फोटो : PIXABAY
वृक्षासन योग का अभ्यास
वृक्षासन योग या ट्री पोज,  शुरुआती स्तर का हठ योग आसन है। जैसा कि नाम से पता चलता है इस मुद्रा में शरीर की स्थिति पेड़ के आकार की करनी होती है। आदर्श रूप से आपको यह आसन सुबह खाली पेट करना चाहिए। मन को शांत करने के साथ एकाग्रता को बढ़ाने के लिए इस योग का अभ्यास करना लाभदायक हो सकता है। वृक्षासन योग, शरीर में रक्त के संचार को व्यवस्थित रखने में भी मदद करता है, जिससे कई तरह की बीमारियों का जोखिम भी कम होता है।
विज्ञापन

3 of 4
पश्चिमोत्तानासन योग के हैं कई फायदे - फोटो : Pixabay
पश्चिमोत्तानासन योग
पश्चिमोत्तानासन योग का अभ्यास मस्तिष्क में नई ऊर्जा के संचार को बढ़ावा देने में मददगार माना जाता है। यह आसन रीढ़ को फैलाने, मस्तिष्क को शांत करने और तनाव तथा हल्के अवसाद को दूर करने में मदद करता है। पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास चिड़चिड़ापन और क्रोध जैसी नकारात्मक भावनाओं को कम करता है और आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। यह पेट और पेल्विक अंगों की मालिश और टोन करने के लिए भी एक बेहतरीन योग मुद्रा है। मन की एकाग्रता में सुधार करने के लिए इस योग का नियमित अभ्यास किया जाना चाहिए। 
विज्ञापन

4 of 4
भ्रामरी प्राणायाम के हैं कई लाभ - फोटो : istock
भ्रामरी प्राणायाम
किसी भी तरह के प्राणायाम को मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभकारी माना जाता है। भ्रामरी प्राणायाम आपकी याददाश्त और एकाग्रता दोनों को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह आपको क्रोध, निराशा और चिंता से तुरंत राहत पाने में भी मदद करता है। इस योग के अभ्यास के दौरान मधुमक्खी जैसी आवाज आती है, यह योग आत्मविश्वास बढ़ाने और रक्तचाप को कम करने में भी मददगार माना जाता है। रोजाना इस योग के अभ्यास से सेहत को कई तरह के लाभ हो सकते हैं।  


------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें